Vande Bharat Sleeper Train: उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. नई दिल्ली और वाराणसी के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है. रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी है. जारी अधिसूचना के मुताबिक, ट्रेन का उद्घाटन 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है. इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे. ट्रेन के संचालन से दिल्ली, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर और प्रयागराज के यात्रियों को भी कनेक्टिविटी मिलेगी.
दिल्ली से वाराणसी तक किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?
रेलवे बोर्ड की 27 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को ट्रेन नंबर 27421 और 27422 आवंटित किए गए हैं. इसका ठहराव नई दिल्ली, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, वाराणसी रहेगा. इन स्टेशनों के माध्यम से ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी को उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ेगी. हालांकि, यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की आधिकारिक समय-सारिणी और ठहराव की पुष्टि रेलवे की सूचना से करनी चाहिए.
रात के सफर में मिलेगी स्लीपर ट्रेन की सुविधा
वंदे भारत स्लीपर को लंबी दूरी की रातभर की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह 16 कोच वाली वातानुकूलित ट्रेन है, जिसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित किया गया है. इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ की व्यवस्था है. इनमें 24 बर्थ फर्स्ट एसी, 188 बर्थ एसी टू-टियर और 611 बर्थ एसी थ्री-टियर में हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में 52 वैक्यूम टॉयलेट, बंद गैंगवे और मिनी-पैंट्री जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्री रात में सफर करते हुए आराम भी कर सकें.
180 किमी प्रति घंटे की परीक्षण गति, सुरक्षा पर भी जोर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की परीक्षण गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है, जबकि इसकी परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है. वास्तविक यात्रा में गति और कुल समय निर्धारित समय-सारिणी, ट्रैक तथा परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे. सुरक्षा के लिए ट्रेन में स्वदेशी कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और आग बुझाने की व्यवस्था शामिल है. इसके डिजाइन में टक्कर के प्रभाव को कम करने और अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों का भी ध्यान रखा गया है. इसके अलावा, ट्रेन में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक दी गई है, जो ब्रेक लगाने के दौरान ऊर्जा को दोबारा उपयोग में लाने में मदद करती है.
गाजियाबाद और प्रयागराज के यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू होने से गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर और प्रयागराज के यात्रियों को लंबी दूरी के लिए एक और वातानुकूलित रेल विकल्प मिल सकता है. खास तौर पर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्लीपर बर्थ उपयोगी होंगी. वाराणसी जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दिल्ली की ओर सफर करने वालों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है. रेलवे की इस पहल को लंबी दूरी की यात्री सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है. हालांकि, यात्रियों को टिकट बुकिंग, किराये, समय-सारिणी और नियमित संचालन की तारीख से जुड़ी जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए.
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