PM Modi Gujarat Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे,इस दौरान 30 अक्टूबर को बनासकांठा जिले के भिलड़ी से 407.56 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे,इनमें पशु नस्ल सुधार और अनुसंधान केंद्र, फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट और अत्याधुनिक ऑटोमेटेड स्टोरेज सिस्टम शामिल हैं,इसके अलावा पीएम मोदी थराद और राधनपुर में बनने वाले दो नए बायो-CNG प्लांट की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखेंगे.
गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशुपालन, डेयरी कारोबार, कृषि प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है,इनसे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
407.56 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं का होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री जिन तीन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें सबसे बड़ी परियोजना भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर है,इसके अलावा आलू प्रसंस्करण और डेयरी उत्पादों के भंडारण से जुड़ी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी,प्रधानमंत्री BBBRC का उद्घाटन मौके पर करेंगे, जबकि फ्रेंच फ्राइज प्लांट और ASRS का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा.
324 करोड़ की लागत से बना पशु नस्ल सुधार केंद्र
बनास डेयरी ने बनासकांठा जिले के भिलड़ी में 127 एकड़ क्षेत्र में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किया है,इसे पशुओं की नस्ल सुधारने और प्रजनन तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है.
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत इस परियोजना के लिए 38.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं,इसमें दाता पशुओं के लिए 2 करोड़ रुपये भी शामिल हैं,केंद्र को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) से तकनीकी सहयोग मिल रहा है,परियोजना को केंद्र सरकार की पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF) योजना के तहत मंजूरी मिली है और नाबार्ड की ओर से वित्तीय सहायता दी जा रही है,इसका लक्ष्य आधुनिक तकनीक और बेहतर आनुवंशिक गुणवत्ता के जरिए भारत में पशु नस्ल सुधार के क्षेत्र को नई दिशा देना है.
फ्रेंच फ्राइज प्लांट की क्षमता 2 से बढ़ाकर 5 टन प्रति घंटे होगी
गुजरात के सानादर में 51.65 करोड़ रुपये की लागत से फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट विकसित किया गया है,अप्रैल 2026 में इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का काम शुरू हुआ था,इसके तहत क्षमता को 2 टन से बढ़ाकर 5 टन प्रति घंटे करने की योजना है,इस परियोजना की खासियत आलू उत्पादन से लेकर तैयार फ्रेंच फ्राइज उपभोक्ताओं तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत करना है,इसमें टिश्यू कल्चर के जरिए पौध तैयार करना, खेतों में बीज आलू की खेती, कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण और फिर प्रसंस्करण शामिल है.
बनास डेयरी के मुताबिक, इस तरह की पूरी एकीकृत उत्पादन व्यवस्था देश में सहकारी क्षेत्र के लिए एक विशिष्ट मॉडल है,इससे कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने और किसानों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा होने की संभावना है.
पालनपुर में 11 हजार पैलेट की क्षमता वाला ऑटोमेटेड स्टोरेज सिस्टम
बनास डेयरी ने पालनपुर में अल्ट्रा हाई टेम्परेचर (UHT) डेयरी उत्पादों के भंडारण और वितरण के लिए आधुनिक ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिकवरी सिस्टम तैयार किया है,इस पर 31.14 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं,इस सुविधा में नौ स्तरों वाले स्टील रैक बनाए गए हैं, जिनमें 11,000 पैलेट तक उत्पाद रखे जा सकते हैं,पूरी तरह स्वचालित यह प्रणाली डेयरी उत्पादों के भंडारण, पहचान और डिस्पैच को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी.
इस प्रणाली को बनास डेयरी ने खुद विकसित किया है,डेयरी के अनुसार, इससे लागत में बचत हुई है और अतिरिक्त राजस्व का लाभ इससे जुड़े 4.18 लाख दुग्ध उत्पादकों तक पहुंच सकता है,भविष्य में इस मॉडल का इस्तेमाल दूसरे डेयरी उत्पादों के भंडारण के लिए भी किया जा सकता है.
थराद और राधनपुर में बनेंगे दो नए बायो-CNG प्लांट
तीन परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री मोदी बनासकांठा के भिलड़ी से थराद और राधनपुर में दो नए बायो-CNG प्लांट की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखेंगे,बनास डेयरी पहले से ही गोबर का इस्तेमाल करके बायो-CNG और जैविक खाद बनाने वाले चार संयंत्र संचालित कर रही है,अब दो नए संयंत्र जुड़ने से इस व्यवस्था का विस्तार होगा.
- थराद प्लांट: प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता.
- राधनपुर प्लांट: प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता.
इन संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी,साथ ही, पशुपालकों को गोबर की बिक्री से नियमित अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है,इससे कृषि अपशिष्ट के बेहतर इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
कार्यक्रम में गुजरात के कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष और बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी तथा उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहेंगे,इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्री जीतुभाई वाघणी और ऋषिकेश पटेल, सांसद, विधायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे,डेयरी सहकारी क्षेत्र की ओर से NDDB के अध्यक्ष मीनेश शाह, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, विभिन्न दुग्ध संघों के प्रमुख और बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी भी उपस्थित रहेंगे,बनासकांठा जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों की भी कार्यक्रम में भागीदारी होगी.
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किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर
बनासकांठा में शुरू होने वाली ये परियोजनाएं कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं,पशुओं की नस्ल सुधारने से लेकर आलू के प्रसंस्करण, दूध उत्पादों के स्वचालित भंडारण और गोबर से स्वच्छ ईंधन बनाने तक की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ती है,इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को पारंपरिक गतिविधियों के साथ नए आय स्रोत उपलब्ध कराना है,अब इनके संचालन और उत्पादन क्षमता के वास्तविक परिणाम यह तय करेंगे कि स्थानीय लोगों की आमदनी और रोजगार पर इनका कितना असर पड़ता है.
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