Ganga Expressway News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर जमीन खरीदने की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है,भूमि से जुड़ी एक हजार से अधिक आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि चिह्नित जमीन पर बनी संपत्तियों के मूल्यांकन का काम भी पूरा हो चुका है,अब किसानों की सहमति लेने और जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी तेज हो गई है,प्रशासन की योजना नवंबर के पहले सप्ताह से बैनामे शुरू कराने की है,
109 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले की तीन तहसीलों बिजनौर सदर, चांदपुर और नजीबाबाद के 109 गांवों से होकर गुजरेगा,जिले में इसकी लंबाई करीब 56 किलोमीटर होगी,इस परियोजना के लिए कुल 1,058.44 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है,
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से जमीन का सर्वे, सत्यापन और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई है,अब भूमि की खरीद और अधिग्रहण से जुड़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप देने पर जोर है,
किसानों की सहमति से खरीदी जाएगी 80 फीसदी जमीन
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित जमीन में से करीब 80 प्रतिशत भूमि किसानों की सहमति से खरीदे जाने की योजना है,शेष 20 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा,पहले से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 109 गांवों में से 107 गांवों में आपसी सहमति से जमीन खरीदने की योजना है, जबकि दो गांवों में भूमि खरीद की प्रक्रिया अलग तरीके से पूरी की जानी है,
प्रशासन अब किसानों की सहमति लेने और जमीन की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया को गति देने में जुटा है,बैनामे शुरू होने से परियोजना के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ होगा,
अधिकारियों की बैठक में तैयारियों की होगी समीक्षा
बृहस्पतिवार को प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है,इसमें बैनामे शुरू कराने से जुड़ी तैयारियों, रजिस्ट्री की व्यवस्था और किसानों की सहमति की प्रगति की समीक्षा की जाएगी,
गंगा एक्सप्रेसवे के नोडल अधिकारी एवं एडीएम न्यायिक शरदपाल सिंह ने बताया कि भूमि संबंधी आपत्तियों का निस्तारण और संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है,अब जमीन की खरीद की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है,प्रशासन का प्रयास है कि नवंबर के पहले सप्ताह से बैनामे शुरू कराए जाएं,
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जमीन की प्रक्रिया पूरी होने से परियोजना को मिलेगी गति
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है,बिजनौर में भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ने से इसके निर्माण के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी,इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होने और भविष्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, फिलहाल प्रशासन का अगला लक्ष्य किसानों की सहमति और रजिस्ट्री से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा कर बैनामे शुरू कराना है,इसके बाद परियोजना की जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अगले चरण में पहुंचेगी,
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