Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मार्च का आखिरी सप्ताह और अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश के बीच गुजरने वाली है. इसका असर यह होगा कि तापमान सामान्य बना रहेगा और लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी. हालांकि यह राहत किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकती है, क्योंकि रबी की फसल इस समय पककर तैयार है और बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका बढ़ गई है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलेगा. स्काईमेट के मुताबिक सिक्किम, ओडिशा, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम या कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा.
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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 से 30 मार्च के बीच उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने की चेतावनी दी है. इसके प्रभाव से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है. इसके साथ हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है. वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है.
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में 30 और 31 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा. इसके बाद भी 1 और 2 अप्रैल तक आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. हालांकि बीच-बीच में मौसम थोड़ा साफ भी हो सकता है और बादलों के बीच धूप निकल सकती है, लेकिन तापमान सामान्य ही रहेगा.
गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका बनी रहेगी. इस बेमौसम बारिश का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें इस समय खेतों में तैयार खड़ी हैं.
उत्तर प्रदेश का मौसम
उत्तर प्रदेश में 29 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम प्रभावित होगा. मौसम विभाग के अनुसार करीब 38 जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है.
पूर्वानुमान के अनुसार
30 मार्च: पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश
31 मार्च: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि
1 अप्रैल: पूर्वी यूपी में मेघगर्जन के साथ बौछारें
बिहार में मौसम
बिहार में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. अगले 24 घंटे में नालंदा, पटना, जहानाबाद, भोजपुर, बेगूसराय, वैशाली, बांका, अररिया, भागलपुर, दरभंगा, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, शेखपुरा और सुपौल जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, साथ ही ओले और ठनका गिरने का खतरा भी रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर का हाल
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदलता नजर आ रहा है. बादलों की आवाजाही के बीच धूप-छांव का सिलसिला जारी है. पिछले 24 घंटे में हल्की बौछारों और हवाओं से मौसम सुहावना बना है, हालांकि तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है. अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे और कभी-कभी आसमान साफ भी होगा.
रविवार को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. अधिकतम तापमान 30-31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है. तेज हवाओं और बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना है, फिलहाल AQI 150 के भीतर बना हुआ है, जो मध्यम श्रेणी में आता है.
राजस्थान का मौसम
राजस्थान में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. 28 मार्च से शुरू हुई यह गतिविधि 29 से 31 मार्च के बीच और प्रभावी होगी. बीकानेर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में आंधी और बारिश की संभावना है. यह सिलसिला अप्रैल के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है.
कई स्थानों पर ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. वर्तमान में अधिकतम तापमान कोटा में 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान सिरोही में 17.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश
उत्तराखंड में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में हल्की बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में भी अप्रैल के पहले सप्ताह तक मौसम खराब रह सकता है. शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी समेत कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. 2 और 3 अप्रैल को भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है.
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पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत
पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा है. कोलकाता में भी तूफानी हवाओं के कारण उड़ानों पर असर पड़ा है. झारखंड और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की गतिविधियों की संभावना है.
दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में तेज बारिश की संभावना है. वहीं अन्य हिस्सों में तापमान बढ़ने से हीटवेव की शुरुआत हो चुकी है. चेन्नई में अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.


