Agra-Aligarh Greenfield Highway: आगरा-अलीगढ़ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. 65 किलोमीटर लंबे आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे के रुके हुए 37 किलोमीटर हिस्से पर अब काम आगे बढ़ सकेगा. ताज ट्रैपेजियम जोन (TTZ) में आने वाले इस हिस्से के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल गई है. अनुमति मिलने के बाद सितंबर से पैकेज-2 पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. करीब 820 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह चार लेन का ग्रीनफील्ड हाईवे आगरा और अलीगढ़ के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाला है. परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय करीब 2 घंटे से घटकर लगभग 60 मिनट रह जाएगा.
दो पैकेज में बन रहा है हाईवे
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को दो पैकेज में बांटकर मंजूरी दी है. पहले पैकेज में करीब 28 किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य पहले से चल रहा है. वहीं, दूसरा पैकेज करीब 37 किलोमीटर लंबा है. दूसरा पैकेज TTZ क्षेत्र में आने के कारण इसके निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी थी. अब अनुमति मिलने के बाद इस हिस्से में भी निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. यह हाईवे अलीगढ़ में एनएच-509 से शुरू होकर हाथरस के कई गांवों से गुजरते हुए आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इससे अलीगढ़ और आसपास के इलाकों के लोगों को यमुना एक्सप्रेसवे तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी आसान
आगरा-अलीगढ़ हाईवे के साथ-साथ अलीगढ़-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे को भी फोरलेन करने की तैयारी चल रही है. करीब 107 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. फिलहाल यह मार्ग दो लेन का है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों की कनेक्टिविटी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
मुरादाबाद-हल्द्वानी के बीच भी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की तैयारी
इसी कड़ी में मुरादाबाद से हल्द्वानी के बीच ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेसवे की संभावना पर भी अध्ययन कराया जा रहा है. फिलहाल परियोजना की फिजिबिलिटी जांची जा रही है. अगर यह परियोजना आगे बढ़ती है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन को भी नई रफ्तार मिल सकती है.
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पूरब से पश्चिम तक सड़क नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी
आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे समेत इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बड़ी योजना का हिस्सा माना जा रहा है. नए हाईवे से जहां आगरा-अलीगढ़ के बीच यात्रा आसान होगी, वहीं दिल्ली-NCR से आने वाले लोगों के लिए भी पश्चिमी यूपी के कई शहरों तक पहुंचना सुगम हो सकेगा. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आगरा से अलीगढ़ की दूरी अब सिर्फ दूरी नहीं रहेगी, बल्कि दोनों शहरों के बीच करीब एक घंटे का तेज कनेक्टिविटी कॉरिडोर तैयार होगा.


