जम्मू: आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय यात्रा के दौरान करीब 55 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। इस वर्ष भी यात्रा पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग दोनों से संचालित होगी.
यात्रा के पहले जत्थे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.
दो मार्गों से होगी बाबा बर्फानी की यात्रा
अमरनाथ यात्रा इस वर्ष दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी:
- 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग (अनंतनाग)
- 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग (गांदरबल)
बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला माना जाता है.
55 हजार श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
जम्मू मंडल के मंडलायुक्त रमेश कुमार ने बताया कि लगभग 55 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है.
श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं:
- आवास केंद्र
- भोजन व्यवस्था
- स्वच्छता सुविधाएं
- अस्थायी शिविर
- सरकारी आवास
- सामाजिक संगठनों के सहयोग से अतिरिक्त ठहरने की व्यवस्था
लखनपुर से बनिहाल तक विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आवास केंद्र बनाए गए हैं.
बुधवार से शुरू होगा ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन
प्रशासन ने बताया कि ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण बुधवार से तवी रिवर फ्रंट, जम्मू में शुरू होगा.
श्रद्धालुओं को प्रतिदिन निर्धारित कोटा के अनुसार पंजीकरण की सुविधा मिलेगी. पहले ही टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.
RFID कार्ड होंगे अनिवार्य
यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए RFID कार्ड अनिवार्य होंगे.
इन केंद्रों पर RFID कार्ड जारी किए जाएंगे:
- जम्मू रेलवे स्टेशन
- भगवती नगर
- तवी रिवर फ्रंट
- उधमपुर रेलवे स्टेशन
- चंदरकोट
- बनिहाल
- लखनपुर
- सांबा
ऑनलाइन पंजीकरण और e-KYC पूरा कर चुके श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले अपना RFID कार्ड प्राप्त करने की सलाह दी गई है.
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र साथ रखना जरूरी
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
विशेष रूप से:
- वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र साथ रखें.
- हृदय रोग या श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित श्रद्धालु चिकित्सकीय सलाह लेने के बाद ही यात्रा करें.
- बुजुर्ग श्रद्धालु पूरी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा पर निकलें.
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सुरक्षा पर विशेष फोकस
प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निगरानी और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करेंगी.
Source: News On Air


