केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ग्रामीण पुस्तकालयों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप लॉन्च किया. यह ऐप गांवों में पढ़ने और सीखने की सुविधा को मजबूत करने के साथ बच्चों को ज्यादा संख्या में किताबों तक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.
अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस ऐप की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि यह पहल पद्मश्री एस.आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर की गई, जिसे राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है.
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हर गांव में पुस्तकालय स्थापित करने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के हर गांव में पुस्तकालय स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि पुस्तकालय स्कूलों के आसपास बनाए जाएं, ताकि बच्चों को पढ़ने और सीखने के लिए बेहतर माहौल मिल सके.
उनके अनुसार, गांवों में पुस्तकालयों की उपलब्धता बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अब बड़े स्तर पर किताबों तक पहुंच देने की दिशा में इस ऐप को उपयोगी माध्यम के तौर पर विकसित किया गया है.
63 गांवों में बन चुके हैं पुस्तकालय
अमित शाह ने बताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में करीब 63 गांवों में पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं. इसके साथ ही ऐप के जरिए 752 पुस्तकालय जुड़े हुए हैं.
इस डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध किताबों की पहुंच को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. बच्चे और ग्रामीण पाठक एक बड़े पुस्तक संग्रह से किताबें प्राप्त कर सकेंगे.
चार पुस्तकालयों में करीब 2.80 लाख किताबें
इस पहल के तहत चार पुस्तकालयों को ग्रामीण पुस्तकालयों से जोड़ा गया है. इन चार पुस्तकालयों में कुल मिलाकर करीब 2 लाख 80 हजार किताबें उपलब्ध हैं.
इन किताबों को ग्रामीण पुस्तकालयों तक पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था की गई है. इससे गांवों में मौजूद छोटे पुस्तकालयों के पाठकों को दूसरे बड़े पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबों तक पहुंच मिल सकेगी.
हर दो सप्ताह में गांवों तक जाएंगी वैन
अमित शाह ने बताया कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि यानी MP Local Area Development Funds के जरिए वैन की व्यवस्था की गई है. ये वैन हर दो सप्ताह में गांवों का दौरा करेंगी.
वैन के जरिए गांवों से जारी की गई किताबों को वापस एकत्र किया जाएगा. साथ ही ग्रामीण पुस्तकालयों से ऐप के माध्यम से जिन किताबों की मांग की जाएगी, उन्हें भी गांवों तक पहुंचाया जाएगा.
इस व्यवस्था से किताबों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान होगी और ग्रामीण पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबों की विविधता बढ़ सकेगी.
बच्चों को मिलेगा बड़े पुस्तक संग्रह का लाभ
गृह मंत्री ने कहा कि ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ पहल से गांवों के बच्चों को बड़ी संख्या में किताबों तक पहुंच मिलेगी. एक ही पुस्तकालय में उपलब्ध सीमित किताबों तक निर्भर रहने के बजाय बच्चे जुड़े हुए पुस्तकालयों के बड़े संग्रह का लाभ उठा सकेंगे.
उन्होंने पढ़ने को बच्चों के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया और सक्षम पुस्तकालयाध्यक्षों से मिलने वाले मार्गदर्शन की भूमिका पर भी जोर दिया. उनके अनुसार, पढ़ने और सही मार्गदर्शन से बच्चों के सोचने और सीखने की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
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परिवारों को भी पढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित
अमित शाह ने परिवारों से भी खाली समय का उपयोग ज्ञान हासिल करने में करने की अपील की. उन्होंने गृहिणियों समेत परिवार के सदस्यों से पढ़ने और ज्ञान अर्जित करने के लिए समय निकालने का आग्रह किया.
उन्होंने परिवारों से बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की भी अपील की. इस पहल के जरिए गांवों में पुस्तकालयों को केवल किताब रखने की जगह के बजाय बच्चों और परिवारों के लिए सीखने के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.


