Banda-Bahraich Highway Project: अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है. बांदा-बहराइच राजकीय राजमार्ग को फोरलेन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. बाराबंकी से रायबरेली सीमा पर स्थित कुंभी तरौंजा गांव तक करीब 58.2 किलोमीटर लंबे मार्ग को तीन चरणों में फोरलेन करने की योजना है. प्रस्ताव के अनुसार यह काम वर्ष 2030 तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है.
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पहले चरण में बाराबंकी से भानमऊ तक सड़क होगी फोरलेन
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने योजना के पहले चरण के तहत बाराबंकी से भानमऊ तक करीब 16 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 27 मीटर होगी. सड़क के दोनों ओर नाले बनाए जाएंगे, जबकि बीच में डिवाइडर की व्यवस्था रहेगी. इस हिस्से के चौड़ीकरण से बाराबंकी शहर और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहनों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है. बढ़ते यातायात के बीच सड़क की क्षमता बढ़ाने को इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
दूसरे चरण में भानमऊ से नईसड़क तक बनेगा फोरलेन
परियोजना के दूसरे चरण में भानमऊ से नईसड़क तक करीब 20 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन किया जाएगा. प्रस्ताव में इस हिस्से का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस चरण के पूरा होने के बाद बाराबंकी से आगे जाने वाले वाहनों के लिए सड़क की क्षमता बढ़ेगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है.
तीसरे चरण में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से रायबरेली सीमा तक काम
तीसरे चरण में नईसड़क से हैदरगढ़ के दौलतपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास तक करीब आठ किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाएगा. इसके बाद अंडरपास से रायबरेली जिले की सीमा पर स्थित कुंभी तरौंजा गांव तक करीब 13 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है.
इस हिस्से के निर्माण को वर्ष 2029 से 2030 के बीच पूरा कराने के लिए शासन के सामने प्रस्ताव रखा गया है. इस तरह तीनों चरण पूरे होने के बाद करीब 58.2 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
बढ़ते यातायात को देखते हुए तैयार हुआ प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता अजीत सोनकर के अनुसार लखनऊ के एसीआर में बाराबंकी जिला शामिल होने के साथ बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ा है. अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है.
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बढ़ते यातायात को देखते हुए चार वर्ष में तीन चरणों में सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने, वाहनों की आवाजाही सुगम होने और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है. योजना पूरी होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.


