नई दिल्ली: फ्रांस के नीस शहर में आयोजित Bharat Innovates 2026 का सफल समापन हो गया है. तीन दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय नवाचार सम्मेलन में भारत ने DeepTech, स्टार्टअप, अनुसंधान और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन किया. सम्मेलन में 29 देशों के 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 1,350 से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों के साथ 50 से अधिक सहयोग समझौते हुए.
कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि Bharat Innovates 2026 भारत के नवाचार इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि India-France Year of Innovation 2026 भविष्य में दोनों देशों के बीच तकनीकी और नवाचार सहयोग के लिए परिवर्तनकारी मंच बन सकता है.
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भारत-फ्रांस नवाचार सहयोग को मिली नई दिशा
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच नवाचार सहयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की साझा सोच का परिणाम है. उन्होंने स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, छात्रों और नवाचारकर्ताओं से वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारतीय प्रतिभाओं के लिए खुली हुई है.
उन्होंने कहा कि Bharat Innovates केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक नया अध्याय है.
120 भारतीय DeepTech स्टार्टअप्स ने दिखाया दम
भारत सरकार की पहल Bharat Innovates का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया. इसका उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से निकलने वाले नवाचारों को वैश्विक निवेशकों, उद्योगों और बाजारों से जोड़ना था.
सम्मेलन में 120 चयनित भारतीय DeepTech स्टार्टअप्स और 15 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों के लगभग 45 तकनीकी प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित किया गया. इनमें से करीब 60 प्रतिशत स्टार्टअप्स IITs, IISc और अन्य प्रतिष्ठित भारतीय संस्थानों से जुड़े हुए थे.
29 देशों की भागीदारी
Bharat Innovates 2026 में 29 देशों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. इनमें 500 से अधिक फ्रांसीसी निवेशक, कॉर्पोरेट लीडर, CXO, शोधकर्ता और नवाचार विशेषज्ञ शामिल थे.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भारत के नवाचार क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाती है. इससे भारतीय स्टार्टअप्स को नए बाजारों और निवेश अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी.
1,350 से ज्यादा B2B मीटिंग्स
तीन दिनों के दौरान सम्मेलन में 1,350 से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें आयोजित की गईं. इन बैठकों में स्टार्टअप्स, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि और संस्थागत साझेदार शामिल हुए.
इसके अलावा 50 से अधिक सहयोग समझौतों पर सहमति बनी, जिनमें उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और इनक्यूबेशन से जुड़े क्षेत्र शामिल रहे. इससे भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
254.5 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश प्रतिबद्धता
सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक लगभग 254.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश और उन्नत चरण की फंडिंग प्रतिबद्धताएं रहीं.
80 से अधिक स्टार्टअप्स ने 10 से ज्यादा देशों के 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए. इनमें से 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों की ओर से आगे की चर्चा और निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं.
विशेष रूप से अमेरिका और जापान के निवेशकों ने भारतीय DeepTech कंपनियों में रुचि दिखाई.
AI, Space और Biotechnology पर विशेष फोकस
सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, मेडटेक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा तकनीक, उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा और जलवायु तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए.
विशेषज्ञों का मानना है कि ये क्षेत्र भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ बनने जा रहे हैं और भारत इन क्षेत्रों में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है.
स्टार्टअप्स को मिला वैश्विक मंच
सम्मेलन में आयोजित निवेशक पिचिंग सत्र, मास्टरक्लास, तकनीकी प्रदर्शन और नेटवर्किंग कार्यक्रमों ने भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच उपलब्ध कराया.
कई स्टार्टअप्स को फ्रांस और अन्य देशों के खरीदारों से ऑर्डर तथा व्यावसायिक सहयोग के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए. इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने के नए अवसर मिल सकते हैं.
नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर भारत
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि Bharat Innovates 2026 ने यह दिखाया है कि जब सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, निवेशक और अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक साझा उद्देश्य के साथ मिलकर काम करते हैं तो असाधारण परिणाम सामने आते हैं.
उन्होंने कहा कि सम्मेलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन भारतीय नवाचार को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अभी शुरू हुई है.
भारत को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार Bharat Innovates 2026 केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक निवेश है. इससे संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप एक्सेलेरेशन, प्रतिभा विनिमय और प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण के नए रास्ते खुलेंगे.
भारत सरकार का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक मंच देश को DeepTech, Artificial Intelligence, Semiconductors और Clean Technologies जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
स्रोत: Ministry of Education


