Central Cabinet Changes 2026: देश के राजनीतिक गलियारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में बड़े फेरबदल और विस्तार की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. राज्यसभा चुनाव के नतीजों से पहले ही इस बात की चर्चाएं आम हैं कि संगठन और सरकार में बड़ा संतुलन बनाने के लिए ‘टीम मोदी’ का नया स्वरूप सामने आ सकता है. हालांकि, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
माना जा रहा है कि इस संभावित फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों को साधने के लिए कई नए चेहरों की एंट्री हो सकती है.
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कैबिनेट में पंजाब के चेहरों पर दांव? राघव चड्ढा के नाम की भी चर्चा
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पंजाब को लेकर हो रही है, जहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है. अटकलें हैं कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पंजाब के नेताओं को अहम जगह मिल सकती है. भाजपा ने मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को मैदान में उतारा है, जिसके बाद उनके मंत्री बनने की संभावनाएं देखी जा रही हैं.
इसके अलावा, पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नाम की भी रेस में होने की चर्चा है. सबसे चौंकाने वाली अटकलें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे और हाल ही में पाला बदलने की चर्चाओं में रहे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को भी कैबिनेट में मौका दिया जा सकता है. हालांकि, राघव चड्ढा या भाजपा के किसी शीर्ष नेता ने इस दावे पर कोई मुहर नहीं लगाई है.
गौरतलब है कि पंजाब से आने वाले मौजूदा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार भाजपा ने राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है. ऐसे में पंजाब को प्रतिनिधित्व देने के लिए नए चेहरों को शामिल किया जाना लगभग तय माना जा रहा है.
दो केंद्रीय मंत्रियों का कट सकता है पत्ता, 10-12 विभागों में बदलाव की उम्मीद
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस फेरबदल में कम से कम दो मौजूदा मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है. हालांकि, इन नामों को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है. गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में दो केंद्रीय मंत्रियों—रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को उम्मीदवार नहीं बनाया है, जिससे इन चर्चाओं को और बल मिल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी फेरबदल में कुल 10 से 12 मंत्रियों को शामिल या बदला जा सकता है. कई मंत्रियों के भारी-भरकम विभागों में भी फेरबदल की संभावना है.
दक्षिण भारत और कर्नाटक को लेकर भी रणनीति
चर्चा यह भी है कि दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूत करने के लिए किसी मौजूदा कैबिनेट मंत्री को कर्नाटक भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है. फिलहाल कर्नाटक में पार्टी की कमान बी.वाई. विजयेंद्र के हाथों में है.
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राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष हैं राघव चड्ढा
इन तमाम सियासी अटकलों के बीच, हाल ही में राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा उच्च सदन की ‘याचिका समिति’ (Committee on Petitions) का पुनर्गठन किया गया था, जिसमें राघव चड्ढा को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इस 10 सदस्यीय समिति में चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी को बतौर सदस्य नामित किया गया है.


