Gorakhpur-Shamli Expressway Latest Update: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे प्रस्तावित एक्सप्रेसवे ‘गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे’ के निर्माण की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है. बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी जिलों में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), राजस्व और वन विभाग का संयुक्त सर्वे पूरा हो चुका है. सर्वे के बाद अब भूमि को ‘कैपिटल थ्री-डी’ (Capital 3D) घोषित कर जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष के अंत तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक चालान कम कराने का तरीका! जानिए लोक अदालत की पूरी प्रक्रिया
चारों जिलों में अधिकारी नामित, आपत्तियों के लिए बनी कमेटी
भूमि अधिग्रहण को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है. बरेली में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर में संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDM) को भूमि अध्याप्ति अधिकारी बनाया गया है.
दो शाखाओं में बंटा निर्माण कार्य
किसानों की किसी भी आपत्ति या समस्या के निस्तारण के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है. जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक: एक्सप्रेसवे के रूट में आने वाले गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री पर शासन ने पहले ही रोक लगा दी है. बरेली से लखीमपुर खीरी तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य NHAI की दो अलग-अलग शाखाएं संभालेंगी. लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर और नवाबगंज तहसील के 17 गांवों में निर्माण कार्य कराएगी. बहेड़ी तहसील के 51 गांवों समेत मुरादाबाद क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेगी.
अधिकारी का बयान
NHAI परियोजना प्रबंधक अश्वनी चौहान ने बताया कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए संयुक्त सर्वे की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. जल्द ही भूमि को कैपिटल थ्री-डी घोषित कर अधिग्रहण शुरू किया जाएगा. हमारी पूरी कोशिश है कि इस साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए.
बच्चों को सावन का सही महत्व कैसे समझाएं? जानिए आसान तरीके
मानसून से रिंग रोड और बरेली-मथुरा हाईवे की रफ्तार धीमी
एक तरफ जहां नए एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज है, वहीं जिले में चल रही दो अन्य प्रमुख परियोजनाओं पर मानसून का असर पड़ा है. बता दें कि बारिश के कारण मिट्टी और भराव का काम रोक दिया गया है, जिससे काम की गति सुस्त हुई है. बरेली-मथुरा हाईवे चौड़ीकरण: मानसून के चलते चौड़ीकरण का काम भी फिलहाल धीमा पड़ गया है. NHAI का पूरा ध्यान इस समय सड़कों को गड्ढा मुक्त (pothole-free) बनाने और यातायात सुगम रखने पर है.


