भारत अब तेजी से global semiconductor manufacturing race में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा है कि देश की तीसरी semiconductor manufacturing factory जुलाई 2026 से commercial production शुरू कर सकती है.
मंत्री के मुताबिक भारत में फिलहाल दो semiconductor plants commercial production कर रही हैं, जबकि चौथी factory भी नवंबर या दिसंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है.
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत semiconductor, AI infrastructure और electronics manufacturing में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है.
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क्या बोले Ashwini Vaishnaw?
CII Annual Business Summit 2026 के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत का semiconductor mission अब “तेजी से आगे बढ़ रहा है.” उन्होंने कहा कि कई दशकों से देश में chip manufacturing ecosystem बनाने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन अब पहली बार बड़े स्तर पर सफलता दिखाई दे रही है. उन्होंने बताया:
- दो plants commercial production में हैं
- तीसरी plant जुलाई 2026 में शुरू होगी
- चौथी plant साल के अंत तक operational हो सकती है
- और कुल 12 semiconductor factories पर काम चल रहा है.
भारत के लिए Semiconductor Sector क्यों है इतना अहम?
आज की दुनिया में semiconductor chips लगभग हर technology product का आधार हैं. इनका इस्तेमाल:
- smartphones
- laptops
- cars
- AI servers
- defence systems
- telecom equipment
- और data centres
में होता है. विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड के बाद global chip shortage ने दुनिया को दिखाया कि semiconductor supply chain कितनी महत्वपूर्ण है. इसी वजह से अब भारत भी domestic chip manufacturing पर जोर दे रहा है.
सरकार AI और Data Centres पर भी दे रही जोर
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार data centres और digital infrastructure को aggressively promote कर रही है. उनके अनुसार data centres को 2047 तक tax benefits देने की नीति ने करीब 200 अरब डॉलर तक के निवेश आकर्षित करने में मदद की है. उन्होंने दावा किया कि:
- AI sector में jobs 15-20% की दर से बढ़ रही हैं
- और Google ने भारत में AI servers manufacturing पर सहमति जताई है.
Experts का मानना है कि semiconductor ecosystem मजबूत होने से भारत AI और high-performance computing sectors में भी तेजी से आगे बढ़ सकता है.
कौन-कौन सी कंपनियां बना रही हैं Semiconductor Plants?
भारत में कई बड़े projects पर काम चल रहा है, जिनमें:
- Micron Technology
- Tata Electronics
- Kaynes Technology
जैसी कंपनियों के नाम चर्चा में हैं. सरकार Production Linked Incentive (PLI) और India Semiconductor Mission के जरिए domestic chip ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रही है.
भारत को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार semiconductor manufacturing बढ़ने से भारत को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं:
- electronics imports पर निर्भरता कम होगी
- high-tech jobs बढ़ेंगी
- exports में तेजी आ सकती है
- AI ecosystem मजबूत होगा
- global companies का निवेश बढ़ सकता है
इसके अलावा भारत strategic technology sectors में भी ज्यादा आत्मनिर्भर बन सकता है.
Global Competition में कहां खड़ा है भारत?
आज semiconductor manufacturing में:
- Taiwan
- South Korea
- China
- और United States
जैसे देशों का दबदबा है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि India अब assembly, testing, packaging और specialized chip manufacturing में तेजी से अपनी जगह बना रहा है. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत को global semiconductor hub के तौर पर स्थापित करना है.
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आने वाले समय में क्या हो सकता है?
Industry experts का कहना है कि अगर मौजूदा projects समय पर पूरे होते हैं तो:
- भारत में chip manufacturing ecosystem तेजी से विकसित हो सकता है
- global electronics brands India manufacturing बढ़ा सकते हैं
- और AI-driven industries में नई opportunities पैदा हो सकती हैं.
फिलहाल सरकार semiconductor sector को भारत की long-term technology strategy का अहम हिस्सा मान रही है.
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