Weather Update 27 June 2026: देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून कई राज्यों में सक्रिय होकर तेज बारिश करा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 जून से 2 जुलाई तक पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से अत्यंत भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है. दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक लू चलने का अनुमान है.
इस सप्ताह की सबसे बड़ी मौसम चेतावनी
आईएमडी के अनुसार इस सप्ताह पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 27 से 29 जून के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है.
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साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक उष्ण लहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान है. 26 और 27 जून के दौरान कुछ स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति भी दर्ज हो सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख क्षेत्र में 30 जून तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है, जबकि 1 और 2 जुलाई को वर्षा का दायरा और बढ़ सकता है.
उत्तराखंड में 29 जून तक छिटपुट बारिश तथा 30 जून से 2 जुलाई के बीच अधिक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान 30 जून से 2 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में 2 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून तक छिटपुट बारिश तथा 1 और 2 जुलाई को अधिक व्यापक वर्षा का अनुमान है. इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है.
मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 2 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
विदर्भ में 28 और 29 जून तथा 2 जुलाई को वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. छत्तीसगढ़ में 27 जून से 2 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है.
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 30 जून तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में भी 30 जून तक गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी.
विदर्भ में 28 और 29 जून तथा छत्तीसगढ़ में 27 से 29 जून के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी भारत में कई राज्यों पर बारिश का असर
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 जुलाई तक व्यापक वर्षा की संभावना है.
गंगीय पश्चिम बंगाल में 29 जून से 2 जुलाई, झारखंड और ओडिशा में 28 जून से 2 जुलाई तथा बिहार में 28 और 29 जून को वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
बिहार में 26, 27, 29 और 30 जून को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 28 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
ओडिशा में 26 से 30 जून तक भारी वर्षा की संभावना है. झारखंड में 26 और 27 जून को 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले तेज आंधी जैसे झोंके चल सकते हैं. बिहार में भी 26 जून को ऐसी स्थिति बन सकती है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून के बीच अत्यंत भारी वर्षा का सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा.
अरुणाचल प्रदेश में 28 और 29 जून को बहुत भारी बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 27 जून से 1 जुलाई तक कई स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 जून तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
लगातार वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
कोंकण और गोवा में 2 जुलाई तक लगातार अच्छी बारिश होने की संभावना है.
मध्य महाराष्ट्र में 27 जून तथा 28 और 29 जून को वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. मराठवाड़ा में 27 जून से 2 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र-कच्छ में भी 2 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है.
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 29 जून तक गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
कोंकण और गोवा में 26 से 28 जून तथा 1 और 2 जुलाई को भारी वर्षा का अनुमान है.
दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा और कर्नाटक के भीतरी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा.
केरल और माहे में 29 और 30 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में 2 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है. कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
लू और तापमान का पूर्वानुमान
आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 26 से 28 जून तक लू चलने की संभावना है. 26 और 27 जून को कुछ स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति भी बन सकती है.
ओडिशा में 26 और 27 जून के दौरान गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा.
अधिकतम तापमान की बात करें तो महाराष्ट्र में 29 जून तक 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है.
मध्य भारत में 27 से 29 जून के बीच तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ने के बाद फिर धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है. देश के बाकी हिस्सों में 2 जुलाई तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें. पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करें.
जहां गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी है वहां खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से प्रभावित क्षेत्रों में दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें. पर्याप्त पानी पिएं और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
अगले तीन दिनों तक लू लोगों की परेशानी बढ़ा सकती
27 जून से देश में मानसून का प्रभाव और मजबूत होता दिखाई दे रहा है. पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, कोंकण और गोवा सहित कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक लू लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. ऐसे में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहेगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी बुलेटिन, जारी दिनांक 26 जून 2026.
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FAQs
Q1. 27 जून 2026 से किन राज्यों में सबसे ज्यादा भारी बारिश का अलर्ट है?
उत्तर: IMD के अनुसार 27 से 29 जून 2026 के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, कोंकण-गोवा और कुछ अन्य राज्यों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है.
Q2. अगले तीन दिनों तक किन इलाकों में लू चलने की संभावना है?
उत्तर: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक लू चलने की संभावना है. 26 और 27 जून को कुछ स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति भी बन सकती है.
Q3. किन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.
Q4. मौसम विभाग ने लोगों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी है?
उत्तर: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने, गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने तथा लू प्रभावित क्षेत्रों में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है.


