Kriti Sanon GIVA Ad Controversy: अभिनेत्री कृति सेनन के हालिया विज्ञापन को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने महिलाओं को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि किसी विज्ञापन को लेकर सार्वजनिक बहस में सिर्फ उस महिला को कठघरे में खड़ा करना ठीक नहीं है, जो उसमें नजर आई है. जवाबदेही उन लोगों की भी होनी चाहिए, जिन्होंने विज्ञापन की कल्पना की, उसे तैयार किया और मंजूरी दी.
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‘विज्ञापन को मंजूरी देने वाले पुरुषों पर बहस कहां?’
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि विज्ञापन में नजर आने वाली महिला पर सार्वजनिक चर्चा केंद्रित है, लेकिन उन पुरुषों पर बहस नहीं हो रही जिन्होंने विज्ञापन को अंतिम रूप दिया. उन्होंने कंपनी के बोर्डरूम में विज्ञापन को मंजूरी देने वालों से लेकर क्रिएटिव एजेंसी में इसे तैयार करने वालों तक की जवाबदेही तय करने की बात कही. गोगोई ने इसे पितृसत्तात्मक सोच से जोड़ते हुए पुरुषों से अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेने की अपील की.
विवाद के बाद GIVA ने विज्ञापन वापस लिया
वहीं, ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने कृति सेनन वाले अपने हालिया विज्ञापन को विवाद के बाद वापस ले लिया है. कंपनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं था. GIVA ने अपने बयान में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया है.
राखी के विज्ञापन में कृति के पहनावे पर हुआ विवाद
यह विवाद रक्षाबंधन से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ, जिसमें कृति सेनन आइवरी रंग के लहंगे और डीप-नेक ब्लाउज के साथ नजर आई थीं. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके लुक की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने इसे संस्कृति और परंपराओं के लिहाज से अनुचित बताया. कृति सेनन ने मंगलवार को आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा था कि किसी महिला के कपड़ों से उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को नहीं आंका जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि त्योहारों का सार कपड़ों में नहीं बल्कि भावनाओं और परंपराओं के अर्थ में होता है. कृति ने यह भी सवाल उठाया कि महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद होगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए.
राहुल गांधी ने भी किया कृति का समर्थन
कृति सेनन के बयान का कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसका अपना फैसला है. राहुल गांधी ने महिलाओं को उनकी स्वतंत्रता के लिए ट्रोल नहीं करने की अपील की.
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कंगना रनौत ने भी रखी अलग राय
इस पूरे विवाद में बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आज महिलाओं के पास पहनावे के कई विकल्प हैं और आधुनिक महिला वैश्विक है. हालांकि, कंगना ने विज्ञापन को लेकर सवाल उठाते हुए इसे जानबूझकर असहज करने वाला बताया और कृति के पहनावे पर अपनी आपत्ति दर्ज की. इस विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि विज्ञापन में महिलाओं की पसंद, कपड़े, संस्कृति और उनकी सार्वजनिक छवि को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही किसकी होनी चाहिए.


