Digital Desk: वैज्ञानिकों ने समुद्र के इतिहास से जुड़ा एक ऐसा सच उजागर किया है, जिसने दुनिया को चौंका दिया है. शोधकर्ताओं ने अब तक के सबसे विशाल समुद्री सांप की पहचान की है, जो इंसानों के धरती पर आने से लाखों साल पहले महासागरों में राज करता था. इस दैत्याकार सांप का नाम पैलियोफिस कोलोसियस बताया गया है.
गहरे समुद्र नहीं, उथले पानी का था यह शिकारी
वैज्ञानिकों के अनुसार पैलियोफिस कोलोसियस व्हेल या कोरल रीफ जैसे गहरे समुद्री इलाकों में नहीं, बल्कि उथले समुद्री पानी में घूमता था. यह वह समुद्री क्षेत्र था, जो आज अस्तित्व में नहीं है. इस खोज ने समुद्री सांपों के व्यवहार को लेकर पुरानी धारणाओं को चुनौती दी है.
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शार्क भी हो सकती थी इसका शिकार
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह प्रजाति सिर्फ आकार में ही नहीं, बल्कि समुद्री इकोसिस्टम में टॉप प्रीडेटर भी थी. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विशाल सांप शार्क जैसे बड़े शिकारी जीवों का भी शिकार करता होगा.
5.6 करोड़ से 3.4 करोड़ साल पहले करता था राज
स्टडी के मुताबिक पैलियोफिस कोलोसियस इओसीन युग के दौरान मौजूद था. उस समय वैश्विक तापमान आज की तुलना में काफी अधिक था और महासागर जीवन से भरे हुए थे. इसी दौर में यह विशाल समुद्री सांप अपने पर्यावरण में सबसे ताकतवर शिकारी माना जाता है.
12 मीटर तक लंबा, जानकर रह जाएंगे हैरान
जहां आज के अधिकतर समुद्री सांप 2 से 3 मीटर से ज्यादा लंबे नहीं होते, वहीं वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पैलियोफिस कोलोसियस की लंबाई 8 से 12 मीटर तक रही होगी. इसका मतलब है कि यह आज के समुद्री सांपों से कई गुना बड़ा था.
केवल रीढ़ की हड्डियां, फिर भी चौंकाने वाला खुलासा
वैज्ञानिकों को इस विशाल सांप के केवल रीढ़ की हड्डियों के जीवाश्म मिले हैं. ये हड्डियां इतनी बड़ी हैं कि 2018 की एक स्टडी में इन्हें किसी भी आधुनिक सांप, चाहे वह समुद्री हो या स्थलीय से कहीं ज्यादा विशाल बताया गया.
अफ्रीका के पास फैले समुद्र में रहता था
स्टडी में मिले सबूत बताते हैं कि यह विशाल शिकारी उस समुद्री क्षेत्र में रहता था, जिसे आज ट्रांस-सहारा सीवे कहा जाता है. यह क्षेत्र कभी उत्तरी अफ्रीका के बड़े हिस्से को कवर करता था, जो आज रेगिस्तान है, लेकिन तब तटीय जल से भरा हुआ था.
गर्मी पर निर्भर, बड़े शिकार पर था फोकस
वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़े सरीसृप गर्मी पर निर्भर होते हैं. उस समय समुद्र में मौजूद मछलियों, शार्क और दूसरे समुद्री सरीसृपों की भरमार ने इस विशाल सांप के लिए शिकार करना आसान बनाया होगा.
क्या-क्या खाता था यह दैत्याकार सांप?
हालांकि, कोई सीधा सबूत नहीं मिला है कि पैलियोफिस कोलोसियस क्या खाता था, लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसके शिकार में बड़ी मछलियां, शार्क और मगरमच्छ जैसे सरीसृप शामिल हो सकते थे. अगर इसकी खोपड़ी आज के सांपों की तरह लचीली थी, तो यह बहुत बड़े शिकार को निगल सकता था.
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आज के सांपों से कितना अलग था?
आज के समुद्री सांप छोटे और कम प्रभावशाली हैं. सबसे लंबी आधुनिक प्रजाति भी लगभग 3 मीटर तक ही पहुंचती है. गौर करने वाली बात यह है कि धरती पर अब तक पाया गया सबसे लंबा सांप टाइटेनोबोआ भी इससे बस थोड़ा ही छोटा था और वह भी अब विलुप्त हो चुका है.
क्यों है यह खोज इतनी खास?
वैज्ञानिकों का कहना है कि पैलियोफिस कोलोसियस की खोज इस बात का संकेत है कि प्राचीन महासागर हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा खतरनाक और विशाल शिकारियों से भरे हुए थे. यह खोज समुद्री जीवन के विकास को समझने में एक अहम कड़ी मानी जा रही है.


