भारत सरकार के स्टील मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी कंपनी MECON लिमिटेड को मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है. कंपनी ने लगातार तीन वित्तीय वर्षों तक लाभ दर्ज किया है और 31 मार्च 2026 तक उसकी नेट वर्थ ₹535.42 करोड़ पहुंच गई है. इन उपलब्धियों के आधार पर MECON ने मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा पाने के लिए निर्धारित सभी पात्रता मानदंड पूरे कर लिए.
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लगातार तीन साल मुनाफे में रही कंपनी
स्टील मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार MECON ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लगातार लाभ कमाया है. कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) वित्त वर्ष 2023-24 में ₹77.62 करोड़, वित्त वर्ष 2024-25 में ₹32.08 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में ₹104.53 करोड़ रहा.
इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेट वर्थ ₹535.42 करोड़ दर्ज की गई, जो मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा हासिल करने के लिए आवश्यक शर्तों में शामिल है.
मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा मिलने से क्या फायदा होगा?
इस दर्जे के बाद MECON के निदेशक मंडल को पहले की तुलना में अधिक वित्तीय और परिचालन संबंधी अधिकार मिलेंगे. इससे कंपनी निवेश, तकनीकी उन्नयन, आधुनिकीकरण और नए कारोबार विस्तार से जुड़े फैसले अधिक तेजी से ले सकेगी.
सरकार का मानना है कि अतिरिक्त स्वायत्तता मिलने से कंपनी भविष्य की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी और उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी.
1959 से देश के औद्योगिक विकास में निभा रही भूमिका
MECON लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी और इसका मुख्यालय झारखंड के रांची में स्थित है. कंपनी देश के स्टील क्षेत्र में इंजीनियरिंग, कंसल्टेंसी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और कॉन्ट्रैक्टिंग सेवाओं के लिए जानी जाती है.
समय के साथ MECON ने अपने कारोबार का विस्तार खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, तेल एवं गैस समेत कई अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक किया है. कंपनी विभिन्न सरकारी और औद्योगिक परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है.
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
स्टील मंत्रालय के मुताबिक यह फैसला बेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) को अधिक स्वायत्तता देने की सरकार की नीति का हिस्सा है. इसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और निर्णय लेने में आत्मनिर्भर बनाना है.
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सरकार का मानना है कि इससे न केवल MECON की कारोबारी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी. आने वाले समय में कंपनी बड़े निवेश, तकनीकी सुधार और नई परियोजनाओं को पहले की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ा सकेगी.
Source: Ministry of Steel


