MP Weather Update 1 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता 1 सितंबर 2026, मंगलवार को भी बनी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल की मौसम रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है. कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
1 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी और मैहर में अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
अति भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी: सिंगरौली, शहडोल और डिंडोरी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ झंझावात, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है.
भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं: सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, मंडला, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है.
इन जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है.
बारिश के पीछे क्या है वजह
मौसम केंद्र के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे जुड़े उत्तर तटीय ओडिशा तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है. इसके अलावा मानसून ट्रफ और अन्य ट्रफ भी सक्रिय हैं, जिनका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है.
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदी, नालों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले पुलों और सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. तेज हवाओं से पेड़, बिजली के तार और कमजोर संरचनाएं प्रभावित होने का जोखिम रहेगा.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और जलस्रोतों से दूर रहें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें. बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय गति धीमी रखें. मौसम संबंधी अपडेट के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अलर्ट पर नजर रखें.
किसानों के लिए सलाह
बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें. सब्जियों, बेलदार और युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को वाटरप्रूफ तिरपाल से ढककर रखें तथा बारिश या आंधी के दौरान कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम टालें.
भोपाल का मौसम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में 1 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक सामान्यतः बादल छाए रहने तथा बिजली और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. हवा की औसत गति 16-18 किमी प्रति घंटे और अधिकतम/न्यूनतम तापमान 29/23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल
FAQs
1. क्या 1 सितंबर को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. पूर्वानुमान में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की तीव्रता और वितरण अलग बताया गया है.
2. सबसे ज्यादा चिंता किन जिलों में है?
सिंगरौली, शहडोल और डिंडोरी में अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है.
3. क्या बिजली गिरने का भी खतरा है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है.
4. क्या बारिश से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है?
हां. निचले पुलों, सड़कों और अंडरपास में जलभराव होने पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है.
5. किसानों को अभी सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करें, कटी उपज और कृषि सामग्री को ढककर रखें और मौसम खराब रहने पर खुले खेत में काम करने से बचें.


