Bihar Weather Update 1 September 2026: बिहार में सितंबर की शुरुआत बारिश और वज्रपात के साथ होने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी पूर्वानुमान में 1 सितंबर, मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. खासतौर पर दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ गरज-चमक हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, 1 सितंबर को औरंगाबाद, भभुआ, गया और रोहतास में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. वहीं बेगूसराय, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है.
1 सितंबर को इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
1 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम बिहार में औरंगाबाद, भभुआ, गया और रोहतास पर अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों में भी मेघ गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा चलने की संभावना है. भारी बारिश वाले जिलों में बेगूसराय, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा और शेखपुरा शामिल हैं.
| तारीख | मौसम की स्थिति | प्रभावित जिले |
|---|---|---|
| 1 सितंबर | अत्यधिक भारी बारिश | औरंगाबाद, भभुआ, गया, रोहतास |
| 1 सितंबर | भारी बारिश | बेगूसराय, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा, शेखपुरा |
| 1 सितंबर | तेज हवा, गरज और वज्रपात | दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्से |
2 सितंबर से उत्तर बिहार में बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर को बक्सर, गोपालगंज, सारण, सीवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है. 3 सितंबर को दरभंगा, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश का अनुमान है. 4 सितंबर को अररिया और किशनगंज में भारी बारिश हो सकती है. 5 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य बिहार के हिस्सों में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी, जबकि 6 सितंबर को कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.
तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
IMD के अनुसार अगले 2-3 दिनों में राज्य के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में भी खास परिवर्तन का अनुमान नहीं है. 1 सितंबर को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार में अधिकतम तापमान करीब 32-34 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है, जबकि दक्षिण-मध्य बिहार में 30-32 डिग्री और दक्षिण-पश्चिम बिहार में 32-34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
बारिश और वज्रपात का क्या असर हो सकता है
अत्यधिक भारी और भारी बारिश के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है. शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है. मेघ गर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी जरूरी है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मौसम खराब होने पर खुले मैदान या सड़क पर रहने के बजाय जल्द से जल्द पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है. ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. बिजली संचालित वस्तुओं से भी दूर रहें. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचना सुरक्षित रहेगा. किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना.
FAQs
1. 1 सितंबर 2026 को बिहार में सबसे ज्यादा बारिश कहां होगी?
औरंगाबाद, भभुआ, गया और रोहतास में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है.
2. किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
बेगूसराय, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में भारी बारिश की संभावना है.
3. क्या 1 सितंबर को आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है.
4. क्या बारिश से जलजमाव या बाढ़ की स्थिति बन सकती है?
भारी बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव हो सकता है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
5. वज्रपात के समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
खुले स्थान से तुरंत पक्के मकान में जाएं और ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे तथा विद्युत संचालक वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.


