नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026: भारत में सोने की कीमतों में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही. लगातार बिकवाली के दबाव के बीच Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोने का भाव और नीचे आया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹896 यानी 0.56 प्रतिशत गिरकर ₹1,58,100 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. कारोबार के दौरान कीमत और नीचे गई और सोना ₹1,085 यानी 0.68 प्रतिशत टूटकर ₹1,57,911 प्रति 10 ग्राम के intraday low तक पहुंच गया.
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चार कारोबारी सत्र में सोना 3.25% सस्ता
शुक्रवार की गिरावट के साथ MCX पर पिछले चार कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत कुल ₹5,318 यानी 3.25 प्रतिशत घट चुकी है.
लगातार चार सत्रों से कीमतों में गिरावट से पीली धातु पर बने बिकवाली दबाव का संकेत मिल रहा है. सप्ताह की शुरुआत में सोने में मजबूत तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब बाजार का रुख बदलता नजर आ रहा है.
निवेशक फिलहाल वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर नजर रख रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना दबाव में
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. Spot Gold 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,576.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.
इससे पहले इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया था. ऐसे में ऊंचे स्तरों से मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव भी कीमतों पर असर डाल रहा है.
वहीं, US Gold Futures 0.8 प्रतिशत गिरकर 4,629 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था.
निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के चेयरमैन के भाषण पर
अभी बाजार की नजर अमेरिकी Federal Reserve के चेयरमैन केविन वॉर्श के Jackson Hole Symposium में दिए जाने वाले भाषण पर है.
निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर किस तरह का रुख अपना सकता है. फेड के monetary policy संकेतों का असर डॉलर, bond yields और सोने की मांग पर पड़ सकता है.
सोना आम तौर पर ऐसे समय में निवेशकों का आकर्षण हासिल करता है जब आर्थिक या वित्तीय अनिश्चितता बढ़ती है. लेकिन ब्याज दर और डॉलर से जुड़े बदलाव इसकी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं.
ब्याज दरों का सोने की कीमत पर क्यों पड़ता है असर
अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा सोने के वैश्विक कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. निवेशक फेड के बयान से भविष्य की monetary policy का संकेत तलाश रहे हैं.
ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव होने पर डॉलर और US bond yields में भी हलचल आ सकती है. इसका असर सोने की मांग और कीमत पर पड़ सकता है.
इसी वजह से Jackson Hole Symposium में फेड चेयरमैन के भाषण को बाजार के लिए महत्वपूर्ण event माना जा रहा है. फिलहाल निवेशक किसी स्पष्ट संकेत का इंतजार कर रहे हैं.
सप्ताह की तेजी के बाद क्यों बदला रुख
सोने में सप्ताह की शुरुआत में मजबूत तेजी देखने को मिली थी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत तीन महीने से अधिक के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी.
हालांकि, उसके बाद निवेशकों का ध्यान फिर से US monetary policy की दिशा पर चला गया. ऊंचे स्तरों पर पहुंची कीमतों के बीच बिकवाली बढ़ी और लगातार चौथे सत्र में सोना गिरावट के साथ कारोबार करता रहा.
MCX पर चार सत्रों में ₹5,318 की गिरावट इस बदलाव को दिखाती है. हालांकि, आगे कीमतों की दिशा अमेरिकी फेड के संकेतों, डॉलर और bond yields समेत कई बाजार कारकों पर निर्भर करेगी.
भारतीय बाजार में भी जारी है दबाव
MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार के कारोबार में ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा. दिन के कारोबार में यह ₹1,57,911 तक फिसल गया.
लगातार गिरावट के कारण पिछले चार सत्रों में कीमतों में 3.25 प्रतिशत की कमी आई है. निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तरफ से आने वाले संकेत सोने की कीमतों पर आगे किस तरह असर डालते हैं.
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फिलहाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है और बाजार की नजर अमेरिकी monetary policy के अगले संकेतों पर है.


