Bihar Weather Update 31 August 2026: बिहार में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को मौसम का मिजाज सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. खास तौर पर उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. इसके अलावा उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्सों में भी मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा की संभावना जताई गई है.
31 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 31 अगस्त को औरंगाबाद, भभुआ, बक्सर और रोहतास में भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं गया और नवादा में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
चेतावनी वाले प्रमुख जिले
| मौसम चेतावनी | जिले |
|---|---|
| बहुत भारी बारिश | गया, नवादा |
| भारी बारिश | औरंगाबाद, भभुआ, बक्सर, रोहतास |
| मेघ गर्जन/वज्रपात और तेज हवा | उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के संबंधित जिले |
तेज हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. ऐसे में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
बारिश का असर किन इलाकों में ज्यादा दिख सकता है
31 अगस्त को उत्तर-पश्चिम बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है. उत्तर-मध्य बिहार के मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है.
दक्षिण-पश्चिम बिहार में रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है. दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में भी मौसम सक्रिय रह सकता है.
तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं
अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है. वहीं अगले 5 दिनों तक न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन होने का अनुमान नहीं है. 31 अगस्त को अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान लगभग 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने का पूर्वानुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान कई जिलों में 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
बारिश और वज्रपात से क्या असर हो सकता है
मेघ गर्जन और वज्रपात से जान-माल के साथ पशुओं को भी नुकसान का खतरा रहता है. भारी बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
मौसम खराब हो तो क्या सावधानी रखें
आंधी या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें. जल्द से जल्द पक्के मकान में शरण लें. ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. बिजली संचालित वस्तुओं से भी दूर रहने की सलाह दी गई है. भारी बारिश के दौरान नदी, नाले या अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों के आसपास जाने से बचें.
अगले दिनों का भी रहेगा मौसम सक्रिय
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 1 सितंबर को बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा और शेखपुरा में भारी बारिश की संभावना है. 2 सितंबर को बक्सर और सीवान में भारी बारिश का अनुमान है. इसके बाद भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा की संभावना बनी रहेगी.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र, पटना
FAQs
1. क्या 31 अगस्त को बिहार में घर से निकलना सुरक्षित रहेगा?
जरूरी काम से निकल सकते हैं, लेकिन आंधी, बिजली और तेज बारिश के समय खुले स्थानों पर रुकने से बचना बेहतर रहेगा.
2. गया और नवादा के लोगों को ज्यादा सतर्क क्यों रहना चाहिए?
इन दोनों जिलों में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, इसलिए जलभराव और स्थानीय स्तर पर अचानक बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सावधानी जरूरी है.
3. क्या तेज हवा से भी नुकसान हो सकता है?
हां. 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है.
4. बिजली चमकने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खुले स्थान से हटकर पक्के भवन में चले जाएं और ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे तथा विद्युत संचालक वस्तुओं से दूरी रखें.
5. क्या बारिश के कारण शहरों में परेशानी बढ़ सकती है?
हां. भारी बारिश के दौरान शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव हो सकता है. इसलिए जलभराव वाले रास्तों और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी रखना जरूरी है.


