Mulayam Singh Yadav Sadhna Gupta love story: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार से बुधवार को एक दुखद खबर सामने आई. उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव
का लखनऊ में अचानक निधन हो गया. प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन उनके निधन के बाद एक बार फिर मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की चर्चित प्रेम कहानी सुर्खियों में आ गई है.
प्रतीक यादव की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वे बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे.
खाने में बार-बार बाल निकलना बना सकता है आपको कंगाल! जानिए इसके पीछे की वजह
कैसे शुरू हुई मुलायम-साधना की प्रेम कहानी
मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की पहली मुलाकात 1980 के दशक में हुई थी. उस समय मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी से उभर रहे थे, जबकि साधना गुप्ता समाजवादी विचारधारा से जुड़ी हुई थीं. दोनों के बीच नजदीकियां उस समय बढ़ीं जब मुलायम सिंह की मां मूर्ति देवी बीमार पड़ीं और लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती थीं. बताया जाता है कि साधना गुप्ता ने मूर्ति देवी की दिन-रात सेवा की. उनकी देखभाल और समर्पण से मुलायम सिंह बेहद प्रभावित हुए. यही वह दौर था जब दोनों के रिश्ते ने गहराई पकड़ ली. हालांकि उस समय मुलायम सिंह पहले से विवाहित थे और उनकी पहली पत्नी मालती देवी थीं.
लंबे समय तक छुपा रहा रिश्ता
राजनीतिक और पारिवारिक कारणों से मुलायम सिंह यादव ने इस रिश्ते को लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं किया. साधना गुप्ता लखनऊ में गुमनामी के बीच रहती रहीं. उस दौरान प्रतीक यादव के स्कूल रिकॉर्ड में पिता का नाम एमएस यादव लिखा जाता था. समाजवादी परिवार के भीतर इस रिश्ते को लेकर तनाव भी रहा. खासकर अखिलेश यादव अपनी मां मालती देवी के प्रति बेहद भावुक थे और साधना गुप्ता को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे.
2007 में सार्वजनिक हुआ रिश्ता
साल 2003 में मालती देवी के निधन के बाद हालात बदले. इसके बाद धीरे-धीरे साधना गुप्ता को परिवार में जगह मिलने लगी. आखिरकार 2007 में एक अदालत में दाखिल हलफनामे के जरिए मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि साधना गुप्ता उनकी पत्नी हैं और प्रतीक यादव उनके बेटे हैं. कहा जाता है कि उस समय अमर सिंह ने दोनों के रिश्ते को आधिकारिक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
राजनीति से दूर रहे प्रतीक यादव
जहां अखिलेश यादव राजनीति में सक्रिय रहे, वहीं प्रतीक यादव ने बिजनेस की दुनिया चुनी. उनकी पत्नी अपर्णा यादव जरूर राजनीति में सक्रिय रहीं. प्रतीक यादव अक्सर लखनऊ में अपनी लग्जरी कारों और शांत स्वभाव को लेकर चर्चा में रहते थे.
माता-पिता के बाद अकेले पड़ गए थे प्रतीक
जुलाई 2022 में साधना गुप्ता का बीमारी के चलते निधन हो गया था. इसके कुछ ही महीनों बाद अक्टूबर 2022 में मुलायम सिंह यादव का भी निधन हो गया. माता-पिता के जाने के बाद प्रतीक यादव काफी अकेले पड़ गए थे. अब उनके निधन के साथ मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की उस प्रेम कहानी का आखिरी जीवंत अध्याय भी खत्म हो गया, जिसने कभी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सैफई परिवार के भीतर बड़ी हलचल मचा दी थी.


