देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG एक बार फिर विवादों में है. पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब राजस्थान से जुड़े कथित कोचिंग नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका की जांच कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की कोशिश की गई थी.
यह मामला सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर भी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है.
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जांच में राजस्थान कनेक्शन की चर्चा क्यों हो रही है?
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि CBI जांच के दौरान राजस्थान के कुछ शहरों, खासकर कोचिंग हब माने जाने वाले इलाकों, की भूमिका जांच के दायरे में आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ संदिग्ध लोगों ने छात्रों तक कथित तौर पर “गेस पेपर” या परीक्षा सामग्री पहुंचाने के नाम पर बड़ी रकम ली.
हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है.
छात्रों से लाखों रुपये लेने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित तौर पर पैसे किस नेटवर्क के जरिए लिए गए और किन लोगों तक पहुंचे.
बताया जा रहा है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच की जा रही है. इसी आधार पर कई राज्यों में पूछताछ और कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं.
CBI किन पहलुओं की जांच कर रही है?
फिलहाल जांच एजेंसी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच किसे मिली?
- कथित पेपर लीक का नेटवर्क किन राज्यों तक फैला था?
- क्या इसमें कोचिंग या बिचौलियों की भूमिका थी?
- छात्रों से पैसे लेने के दावे कितने सही हैं?
- डिजिटल माध्यमों से क्या जानकारी साझा की गई?
CBI की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.
पहले भी विवादों में रह चुकी है NEET परीक्षा
यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो. पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा प्रक्रिया, ग्रेस मार्क्स, पेपर सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं. 2024 में भी परीक्षा से जुड़े विवादों पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामला अदालत तक पहुंचा था.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं छात्रों का भरोसा कमजोर करती हैं और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की जरूरत दिखाती हैं.
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा देते हैं. ऐसे में पेपर लीक जैसी खबरें सामने आने से मेहनती छात्रों में निराशा और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहे हैं.
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है. वहीं अभिभावकों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं.
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फिलहाल क्या है स्थिति?
सरकार, NTA और जांच एजेंसियों की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है. अभी तक दोबारा परीक्षा को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. हालांकि जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.


