नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026: नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. वहीं, 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की रिपोर्ट है. इसके अलावा करीब 128 भारतीय मूल के लोग, जिनके पास दूसरी देशों की नागरिकता है, अभी भी लापता बताए गए हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पहले संपर्क से बाहर रहे करीब 50 भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया गया है. सरकार नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर राहत और बचाव अभियान को आगे बढ़ा रही है.
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108 भारतीय नागरिकों का अब तक रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद अब तक 108 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू किया गया है. इसके साथ ही करीब 50 ऐसे भारतीयों से भी संपर्क दोबारा स्थापित किया गया है, जिनसे पहले संपर्क नहीं हो पा रहा था.
हालांकि, अभी भी 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की रिपोर्ट है. इनके अलावा दूसरी राष्ट्रीयता रखने वाले लगभग 128 भारतीय मूल के लोग भी लापता बताए गए हैं.
ऐसे में भारतीय अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना बनी हुई है.
चीन से नेपाल पहुंचे 598 भारतीय नागरिक
एक स्थानीय सरकारी स्रोत के अनुसार, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं.
वहीं, करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन से रवाना होना बाकी है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये सभी सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास उनके साथ सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से संपर्क में है.
इससे साफ है कि भारत सरकार की निगरानी नेपाल में मौजूद भारतीयों के साथ-साथ चीन में मौजूद उन भारतीय नागरिकों पर भी बनी हुई है, जिन्हें आगे नेपाल या अन्य स्थानों की यात्रा करनी है.
विदेश मंत्रालय ने बनाया 24 घंटे का Control Room
भारत सरकार ने नेपाल में प्रभावित भारतीयों की मदद और जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय में 24 घंटे का Control Room स्थापित किया है.
इसके अलावा काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24/7 helplines चालू हैं. दोनों दूतावास संबंधित stakeholders के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि search, rescue और relief operations में बेहतर coordination सुनिश्चित किया जा सके.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सरकार नेपाल और चीन के संबंधित अधिकारियों के साथ close coordination में काम कर रही है.
NDRF की मदद की पेशकश
भारत सरकार ने नेपाल के search and rescue operations में सहायता के लिए National Disaster Response Force यानी NDRF की मदद की पेशकश की है.
इसके साथ ही भारत ने तत्काल humanitarian assistance भी शुरू कर दी है. भारतीय वायुसेना के aircraft के जरिए नेपाल के लिए emergency relief material भेजा जा रहा है.
सरकार का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ नेपाल की disaster response teams को जरूरी तकनीकी और operational support उपलब्ध कराना है.
C-130J Hercules से 11 टन राहत सामग्री भेजी गई
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि एक और aircraft sortie यानी C-130J Hercules को 11 टन सहायता सामग्री के साथ काठमांडू भेजा गया.
इस aircraft में 13 सदस्यीय Indian Army tunnel rescue team भी भेजी गई है. इस टीम के पास specialist equipment है और यह recce team के ground assessment के आधार पर ongoing search and rescue operations में नेपाली disaster response teams की मदद करेगी.
इससे नेपाल में राहत और बचाव अभियान के दौरान specialized rescue capabilities को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.
DNA Samples की पहचान में मदद के लिए छह Forensic Teams
विदेश मंत्री के मुताबिक, छह forensic teams के 19 सदस्यीय contingent को भी नेपाल भेजा जा रहा है.
इन teams का उद्देश्य DNA samples के analysis में सहायता करना है, ताकि बाढ़ में मारे गए लोगों के mortal remains की identification में मदद मिल सके.
बड़ी संख्या में लोग लापता होने के बीच यह प्रक्रिया प्रभावित परिवारों तक सही पहचान और जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है.
68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची
भारत की ओर से अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू भेजी जा चुकी है.
इसमें essential medicines, portable generator sets, food packets, water purification tablets और technical equipment शामिल हैं.
यानी भारतीय राहत सहायता सिर्फ medical supplies तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, भोजन, पानी की शुद्धता और technical support से जुड़ी जरूरी सामग्री भी भेजी जा रही है.
230 फीट का Modular Steel Bridge भी पहुंचा
भारत से राहत और infrastructure support के तहत 16 trucks में 230 फीट लंबे Single Lane Modular Steel Bridge के निर्माण से जुड़ा equipment नेपाल पहुंच चुका है.
इसके अलावा सात और Bailey bridges लगाने के लिए जरूरी equipment जल्द उपलब्ध कराने की बात कही गई है. इन bridges की installation के लिए technical teams के भी जल्द नेपाल पहुंचने की उम्मीद है.
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में road और connectivity infrastructure को नुकसान पहुंचने की स्थिति में इस तरह के temporary bridges राहत और आवागमन को बहाल करने में मदद कर सकते हैं.
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नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए राहत अभियान जारी
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद भारत सरकार लगातार search, rescue और relief efforts में सहयोग कर रही है. एक तरफ 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और लगभग 50 लोगों से दोबारा संपर्क स्थापित हुआ है, वहीं 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के लोगों के अब भी लापता होने की रिपोर्ट है.
इसी के साथ चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की जानकारी भी दी गई है. भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय का 24 घंटे का coordination mechanism प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए सक्रिय है.
नेपाल में राहत अभियान के साथ भारत की ओर से लगातार aircraft sorties, specialist rescue teams, forensic assistance, medical supplies और infrastructure equipment भेजे जा रहे हैं.


