नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़कर 675 हो गया है. देश के कई हिस्सों में search and rescue operation अब भी जारी है. वहीं, करीब 2,400 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं. बारिश दोबारा होने और आगे भी बाढ़ का खतरा बने रहने के बीच नेपाल में भोटेकोशी नदी को लेकर नया alert जारी किया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 4,400 से ज्यादा लोगों को rescue या evacuate किया जा चुका है. इनमें 261 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं, जिनसे पहले संपर्क टूट गया था.
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आठ जिलों से बरामद हुए 675 शव
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित आठ जिलों से 675 शव बरामद किए गए हैं. सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी ईस्ट और नवलपरासी वेस्ट में दर्ज की गई हैं.
बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर search operation चलाया जा रहा है. सुरक्षा बल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश कर रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी है.
अभी भी करीब 2,400 लोगों के लापता होने की जानकारी है. इनमें विदेशी नागरिकों की संख्या भी काफी है, जिससे उनके परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है.
15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए 15,000 से ज्यादा security personnel तैनात किए हैं. सुरक्षाकर्मियों की टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश और stranded लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हैं.
बचाव अभियान को तेज करने के लिए helicopters की मदद भी ली जा रही है. हेलीकॉप्टर लगातार sorties कर फंसे हुए लोगों को rescue करने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
रसुवा में बारिश और कोहरे के बीच फिर शुरू हुआ Rescue
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रसुवा जिले में search and rescue operation दोबारा शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, बारिश और fog के कारण राहत-बचाव अभियान को अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा था.
हालात में कुछ सुधार के बाद अभियान फिर शुरू किया गया. इलाके में अब भी चुनौती बनी हुई है क्योंकि मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां rescue operation को प्रभावित कर सकती हैं.
भोटेकोशी नदी को लेकर नया Flood Alert
नेपाल सरकार ने भोटेकोशी नदी में बाढ़ के खतरे को लेकर नया alert जारी किया है. लोगों से नदी के किनारे रहने वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है.
National Disaster Risk Reduction and Management Authority यानी NDRRMA के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में flood flow बढ़ा है. इसके बाद स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया गया है.
रसुवा District Administration ने भी नदी के पानी के बहाव में बढ़ोतरी की जानकारी दी है और लोगों से सावधान रहने को कहा है.
रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के लोगों को सावधानी
जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भोटेकोशी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी उपलब्ध होने पर नए updates जारी किए जाएंगे.
इस नए alert के बीच नदी के आसपास रहने वाले लोगों और बचाव अभियान में लगे कर्मचारियों के लिए सतर्कता बढ़ाना महत्वपूर्ण हो गया है.
तिब्बत में भी भारी नुकसान
भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलने वाली तेज बहाव वाली Himalayan river है. बाढ़ का असर सीमा पार चीन के क्षेत्र में भी पड़ा है.
दी गई जानकारी के मुताबिक, चीन की तरफ 7 लोगों की मौत हुई है और 550 से ज्यादा लोग लापता बताए गए हैं.
इससे पता चलता है कि बाढ़ का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीमा के दूसरी ओर भी लोगों और infrastructure पर इसका प्रभाव पड़ा है.
काठमांडू को जोड़ने वाला हाईवे फिर खुला
बाढ़ और मौसम के चलते नेपाल का एक प्रमुख road link भी प्रभावित हुआ था. Mugling-Kathmandu Highway बुधवार से बंद था, लेकिन इसे फिर से खोल दिया गया है.
यह हाईवे राजधानी काठमांडू को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. इसके खुलने से transport और राहत गतिविधियों को कुछ राहत मिल सकती है.
हालांकि, नेपाल की कई दूसरी सड़कें अब भी blocked हैं या उन पर आवाजाही मुश्किल बनी हुई है. इससे प्रभावित इलाकों तक राहत और बचाव टीमों की पहुंच चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
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कई इलाकों में राहत अभियान जारी
नेपाल में लगातार search and rescue operations चल रहे हैं. हजारों security personnel के साथ helicopters भी राहत कार्य में लगे हैं.
एक तरफ लापता लोगों की तलाश जारी है, दूसरी ओर भोटेकोशी नदी में बढ़ते flood flow ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. इसलिए प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है.
फिलहाल नेपाल में प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना, stranded लोगों को सुरक्षित निकालना, राहत सामग्री पहुंचाना और संभावित नई बाढ़ से प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखना है.


