नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026: नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. चीन के तिब्बती क्षेत्र में एक झील फटने की सूचना के बाद नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी का बहाव फिर तेज होने की खबर है. शुक्रवार को अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि नदी में मलबे और कीचड़ के साथ पानी का प्रवाह बढ़ा है. यह वही क्षेत्र है, जहां 26 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ आई थी.
नेपाल के National Disaster Risk Reduction and Management Authority यानी NDRRMA ने संभावित एक और बाढ़ को लेकर भोटेकोसी और त्रिशूली नदियों के किनारे राहत और बचाव अभियान में लगे कर्मियों के साथ जोखिम वाले इलाकों में मौजूद लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है.
नेपाल-तिब्बत बाढ़ में 472 मौतें, 7,451 सुरक्षाकर्मी बचाव अभियान में जुटे
तिब्बत में झील फटने की सूचना
अधिकारियों के अनुसार, चीन के तिब्बती क्षेत्र में एक झील के फटने की सूचना सामने आई है. इसके बाद नेपाल की ओर आने वाले नदी प्रवाह को लेकर चिंता बढ़ गई है.
नेपाल पुलिस ने भी अलग से alert जारी करते हुए लोगों और राहत-बचाव कार्यों में जुटे कर्मचारियों को सावधान रहने को कहा है. प्रशासन की प्राथमिकता संभावित अचानक बढ़ने वाले जलस्तर से लोगों को सुरक्षित रखना और rescue teams को भी सुरक्षित रखना है.
भोटेकोसी नदी में फिर बढ़ा पानी का बहाव
NDRRMA के मुताबिक रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी के उसी क्षेत्र में शुक्रवार को पानी का बहाव फिर बढ़ गया, जहां 26 अगस्त को भीषण बाढ़ आई थी.
इस बार पानी के साथ मलबा और कीचड़ आने की भी सूचना है. इससे एक और बाढ़ की आशंका बढ़ गई है. अथॉरिटी ने भोटेकोसी और त्रिशूली नदियों के आसपास मौजूद लोगों तथा राहत-बचाव कार्यों में लगे कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है.
नदी के बहाव में अचानक होने वाले बदलाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जरूरत बताई गई है.
26 अगस्त की बाढ़ का असर अभी जारी
नई चेतावनी ऐसे समय में आई है जब नेपाल अभी 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है.
NDRRMA के अनुसार, उस बाढ़ में अब तक 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
ऐसे में भोटेकोसी नदी में दोबारा बढ़ते पानी ने राहत और बचाव अभियान के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. एक ओर लापता लोगों की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर संभावित नई बाढ़ के खतरे के कारण बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो गई है.
नदी का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं
नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के तहत आने वाले जल संसाधन अनुसंधान एवं विकास केंद्र ने गुरुवार रात जारी बयान में भी स्थिति को लेकर सावधानी बरतने की बात कही थी.
केंद्र के अनुसार, नदी के अवरुद्ध होने से बनी झील का पानी अभी पूरी तरह खाली नहीं हुआ है. इस वजह से ऊपरी भोटेकोसी क्षेत्र में पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता.
यानी भले ही पानी का प्रवाह कुछ समय के लिए सामान्य दिखाई दे, लेकिन ऊपर के क्षेत्र में जमा पानी और नदी की मौजूदा स्थिति के कारण जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता.
भोटेकोसी, त्रिशूली और नारायणी पर नजर
जल संसाधन अनुसंधान एवं विकास केंद्र ने भोटेकोसी, त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र की लगातार निगरानी की जरूरत बताई है.
इन नदियों से जुड़े इलाकों में स्थिति सामान्य नहीं मानी जा रही है. इसलिए नदी किनारे तैनात सुरक्षा बलों और राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि जलस्तर या पानी के बहाव में अचानक बदलाव की स्थिति में समय रहते प्रतिक्रिया दी जा सके.
राहत-बचाव अभियान के लिए नई चुनौती
26 अगस्त की बाढ़ के बाद से नेपाल में rescue operation जारी है. बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं और उनके परिवार अपने परिजनों की खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
ऐसे में नई बाढ़ की आशंका राहत-बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकती है. नदी के आसपास काम कर रही टीमों को अब संभावित जलस्तर बढ़ने के खतरे को ध्यान में रखते हुए काम करना होगा.
सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की कोशिश है कि बचाव अभियान जारी रखने के साथ-साथ राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों को किसी अतिरिक्त खतरे से बचाया जा सके.
लोगों से नदी किनारे सतर्क रहने की अपील
NDRRMA और नेपाल पुलिस ने लोगों से भोटेकोसी और त्रिशूली नदी के किनारे विशेष सावधानी बरतने को कहा है. जोखिम वाले क्षेत्रों में मौजूद लोगों और राहत-बचाव कार्यों में लगे कर्मियों को किसी भी अचानक बदलाव को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है.
मौजूदा स्थिति में लोगों के लिए जरूरी है कि वे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और नदी के आसपास अनावश्यक गतिविधियों से बचें.
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खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं
तिब्बत में झील फटने की सूचना और भोटेकोसी नदी में फिर बढ़े पानी के बहाव ने नेपाल में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पिछले हादसे के बाद नदी का रास्ता और उससे बनी झील का पानी अभी पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं आया है.
ऐसे में भोटेकोसी, त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र की निगरानी आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी. फिलहाल अधिकारियों ने लोगों और राहत-बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी संभावित बदलाव के लिए तैयार रहने को कहा है.


