Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार (भूतल) में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सभी विषयों के संयोजकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रमों के परीक्षा पैटर्न में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार सुधार करना तथा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अकादमिक रूप से सुदृढ़ बनाना रहा. बैठक के दौरान सभी विषय संयोजकों ने अपने-अपने विषयों के प्रश्न पत्रों का प्रारूप कुलपति के समक्ष प्रस्तुत किया.
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बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा, उच्च शिक्षा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और रोजगारोन्मुखी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है. हमारे परीक्षा पैटर्न में ऐसा गुणात्मक बदलाव जरूरी है, जिससे विद्यार्थी अकादमिक मूल्यांकन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के स्वरूप से भी भली-भांति परिचित हो सकें. प्रत्येक विषय का एक हजार बहुविकल्पीय प्रश्नों का एक मानक एवं समृद्ध ‘प्रश्न बैंक’ तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और वैज्ञानिक बनेगी, बल्कि छात्रों में विश्लेषणात्मक व तार्किक क्षमता का भी विकास होगा.
कुलसचिव ने क्या कहा?
कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और छात्र-हितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. विषय संयोजकों द्वारा तैयार किए जा रहे प्रश्न बैंक और नए परीक्षा पैटर्न को विश्वविद्यालय समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. बैठक में विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि सभी संयोजकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और प्रारूपों को संकलित कर एक मानकीकृत प्रश्न बैंक का निर्माण किया जाएगा.
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कौन-कौन मौजूद रहा?
इस अवसर पर वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कला संकाय अधिष्ठाता प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. एस.एस. मिश्र, प्रो. एस.के. रायजादा, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. संग्राम सिंह, प्रो. अजय कुमार सिंह, प्रो. मीनू दूबे सहित विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे.


