Rajasthan Projects: राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करने, नए ग्रीनफील्ड मार्ग बनाने और शहरों के भीतर एलिवेटेड रोड विकसित करने की परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं. इनका असर जयपुर और अजमेर के बीच सफर से लेकर जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्रों, बीकानेर के व्यापार और नागौर के खनिज कारोबार तक देखने को मिल सकता है. 2026 में जयपुर-किशनगढ़ हाईवे को छह लेन करने, जोधपुर में एलिवेटेड रोड बनाने और नागौर-बीकानेर मार्ग को चार लेन करने जैसी परियोजनाएं खास महत्व रखती हैं. हालांकि, इन सभी की स्थिति एक जैसी नहीं है. कुछ परियोजनाएं मंजूरी या निविदा के चरण में हैं, जबकि कुछ मार्गों का उद्घाटन हो चुका है.
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- जयपुर-किशनगढ़ हाईवे: NH-48 को छह लेन करने की तैयारी
जयपुर से किशनगढ़ के बीच करीब 90 किलोमीटर लंबे NH-48 खंड को छह लेन में अपग्रेड करने की परियोजना को फरवरी 2026 में मंजूरी मिली. मार्च 2026 में NHAI को इसके लिए नौ निविदाएं प्राप्त हुई थीं. परियोजना में प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर, वाहन अंडरपास, सर्विस रोड और स्लिप रोड विकसित करने की योजना है. उद्देश्य जयपुर-अजमेर मार्ग पर यातायात को सुचारू बनाना और सड़क सुरक्षा में सुधार करना है. सरकारी अनुमान के अनुसार, काम पूरा होने पर जयपुर से किशनगढ़ का सफर लगभग दो घंटे से घटकर एक घंटे हो सकता है. - जोधपुर एलिवेटेड रोड: शहर के ट्रैफिक को मिलेगी राहत
28 फरवरी 2026 को जोधपुर शहर में महामंदिर से आखलिया चौराहा तक एलिवेटेड रोड के चार लेन निर्माण की आधारशिला रखी गई. इस परियोजना का उद्देश्य शहर के उत्तरी संस्थागत क्षेत्र को दक्षिणी औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ना और बढ़ते यातायात का दबाव कम करना है. इससे बालोतरा के पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र से जुड़े औद्योगिक विकास के कारण बढ़ने वाले यातायात को संभालने में भी मदद मिल सकती है. - जोधपुर रिंग रोड: कारवार-डांगियावास खंड
जोधपुर के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना NH-125A के रिंग रोड सेक्शन-2 यानी कारवार-डांगियावास मार्ग का चार लेन निर्माण है. करीब ₹740 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का उद्घाटन जुलाई 2026 में किया गया. इससे जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन बेहतर और अधिक सुरक्षित बनाने का लक्ष्य है. - नागौर-बीकानेर हाईवे: NH-62 का होगा चौड़ीकरण
नागौर और बीकानेर के बीच NH-62 के लगभग 109 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करने की परियोजना भी महत्वपूर्ण है. जून 2026 में इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹1,359.33 करोड़ बताई गई थी. जुलाई 2026 में इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर दर्ज हुई. इसलिए इसे पूरा हो चुका हाईवे नहीं, बल्कि निर्माण की तैयारी वाले प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए.
इस मार्ग से नागौर और बीकानेर के बीच यात्रा करने वालों, कृषि उत्पादों के परिवहन तथा खनिज और व्यापारिक गतिविधियों को लाभ मिलने की संभावना है. वास्तविक समय की बचत परियोजना पूरी होने और यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगी.
- जयपुर-बांदीकुई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे स्पर
जयपुर के लिए दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे से बांदीकुई होते हुए जयपुर को जोड़ने वाला चार लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे स्पर महत्वपूर्ण है. इसका उद्घाटन 28 फरवरी 2026 को किया गया. यह मार्ग दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे से जयपुर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है.
इन परियोजनाओं से राजस्थान को क्या फायदा होगा?
इन हाईवे परियोजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक माल ढुलाई, पर्यटन और कृषि कारोबार को मदद मिल सकती है. जयपुर-किशनगढ़ मार्ग पर यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है, जोधपुर में एलिवेटेड रोड शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद कर सकती है और नागौर-बीकानेर मार्ग का चौड़ीकरण उत्तर-पश्चिमी राजस्थान की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत कर सकता है.
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