Mathura Heritage City Project: उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर मथुरा में अब विकास और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. सरकार ने 6210 करोड़ रुपये की लागत से ‘हेरिटेज सिटी’ बसाने की तैयारी तेज कर दी है, जो इस धार्मिक नगरी को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
योजना को अमली जामा पहनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को साफ कहा गया है कि हर पहलू सुविधाएं, लागत और गुणवत्ता माइक्रो लेवल पर तय की जाए ताकि भविष्य में कोई कमी न रह जाए.
आधुनिक सुविधाओं से लैश होगा ‘हेरिटेज सिटी’
इस परियोजना का विकास (यीडा) के फेज-2 के तहत किया जाएगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर घटक की माइक्रो-लेवल पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करें. इसमें लागत, डिजाइन, सुविधाएं और गुणवत्ता मानकों का स्पष्ट उल्लेख होगा, ताकि आगे किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि से बचा जा सके.
हेरिटेज सिटी को NHAI द्वारा प्रस्तावित 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर विकसित किया जाएगा. यह सड़क एनएच-44 और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी काफी बेहतर होगी. बेहतर सड़क नेटवर्क के चलते पर्यटकों की पहुंच आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
कितना होगा क्षेत्रफल?
लगभग 751 एकड़ क्षेत्र में फैलने वाली इस परियोजना में आधुनिक और पारंपरिक सुविधाओं का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा. इसमें कथा वाचनालय, आध्यात्मिक केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग एवं वेलनेस सेंटर, होटल, और पारंपरिक हाट जैसे कई आकर्षण शामिल होंगे. ये सभी सुविधाएं मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की जाएंगी. हाल ही में अपर मुख्य सचिव ने मथुरा का दौरा कर प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को इस तरह विकसित किया जाए जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और मजबूत हो. उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और पारंपरिक वास्तुकला का विशेष ध्यान रखा जाए.
रोजगार के नए अवसर होंगे पैदा
इस परियोजना के पूरा होने के बाद मथुरा में पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह स्थान एक आकर्षक गंतव्य बनेगा. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और होटल, परिवहन व अन्य सेवाओं से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा.
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परियोजना को अंतिम रूप देने के बाद इसे राज्य की निविदा मूल्यांकन समिति और फिर कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. स्वीकृति मिलने के बाद इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें निजी डेवलपर्स की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. इससे परियोजना के निर्माण और संचालन में आधुनिक तकनीक और निवेश का लाभ मिलेगा.


