Saharanpur News: सहारनपुर की शांत वादियों में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने करोड़ों साल पुराने इतिहास को फिर से जिंदा कर दिया है. शिवालिक पहाड़ियां की गोद में बसे सहंसरा वैली में खुदाई के दौरान डायनासोर के अंडे और दुर्लभ जीवाश्म मिलने का दावा किया गया है. इस खोज ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि वैज्ञानिकों के बीच भी हलचल मचा दी है.
शोधकर्ताओं के अनुसार
बताया जा रहा है कि एक शोध संस्थान के वैज्ञानिक पिछले दो साल से इस क्षेत्र में अध्ययन कर रहे थे. इसी दौरान चट्टानों की परतों में उन्हें ऐसे गोलाकार संरचनाएं मिलीं, जो पहली नजर में साधारण पत्थर जैसी दिखती थीं, लेकिन जांच में ये डायनासोर के अंडे निकले. शोधकर्ताओं के अनुसार, जब इन नमूनों पर वीक एसिड टेस्ट किया गया, तो इनमें भारी मात्रा में कैल्शियम कार्बोनेट पाया गया. यही वह संकेत है, जो बताता है कि ये पत्थर नहीं बल्कि करोड़ों साल पुराने अंडों के जीवाश्म हैं, जो समय के साथ खनिजों में बदल गए.
कभी यह डायनासोरों का बसेरा था
सबसे दिलचस्प बात यह है कि आज जहां सहंसरा वैली एक शांत इलाका है, वहीं कभी यह डायनासोरों का बसेरा हुआ करता था. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह इलाका प्राचीन समय में समुद्र के किनारे यानी कोस्टल एरिया रहा होगा. यहां मिली हरे रंग की मिट्टी (ग्लूकोनाइट) इस बात का मजबूत सबूत है.
पत्थरों में छिपे डायनासोर के अंडों ने चौंकाया दुनिया को
इतिहास के पन्नों को पलटें तो यह पूरा क्षेत्र उस दौर से जुड़ा है, जब धरती पर डायनासोरों का राज था. हिमालय के निर्माण के दौरान ये प्राचीन परतें ऊपर उठीं और आज सतह पर दिखाई देने लगीं. इस खोज की एक और चौंकाने वाली बात यह है कि यहां अलग-अलग प्रजातियों के संकेत मिले हैं. वैज्ञानिकों को ऐसे प्रमाण भी मिले हैं कि कुछ डायनासोर एक बार में दो अंडे देते थे, जो उनकी विविधता और जीवनशैली को दर्शाता है.
दिल थामकर बैठिए! यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं के मार्क्स अपलोड, इस दिन आएगा रिजल्ट
अब सहंसरा वैली वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों के लिए एक नया रिसर्च हब बनती जा रही है. यह खोज न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संकेत है कि धरती के अंदर अभी भी इतिहास के कई राज दफन हैं,
बस उन्हें खोजने की देर है.


