Rajasthan Weather Update: राजस्थान में 12 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने वाला है और कहीं भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. इसके विपरीत, राज्य में भीषण गर्मी का असर साफ तौर पर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिन में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है.
प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर जाने का अनुमान है. जिन शहरों में गर्मी का प्रकोप ज्यादा रहेगा, उनमें जयपुर, हनुमानगढ़, जोधपुर, प्रतापगढ़, अजमेर, फलौदी, सीकर, भरतपुर, उदयपुर, जैसलमेर, चुरू और बूंदी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ेगा और दिन के समय तेज धूप के साथ लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं.
गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगी. खासकर पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के इलाकों में गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं. सुबह से ही तेज धूप निकलने की संभावना है, जो दोपहर तक और ज्यादा तीखी हो जाएगी.
इस गर्मी के दौर में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को खास ध्यान रखने की आवश्यकता है क्योंकि तेज गर्मी उनके स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव डाल सकती है. कृषि क्षेत्र पर भी इस गर्मी का असर पड़ सकता है. खेतों में काम करने वाले किसानों को सुबह या शाम के समय ही काम करने की सलाह दी गई है ताकि वे लू से बच सकें.
राज्य में मौसम शुष्क और गर्म ही बना रहेगा
राजस्थान के अधिकांश इलाकों में आने वाले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के संकेत भी दिए गए हैं, लेकिन इससे मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. मौसम विज्ञान विभाग ने 17 अप्रैल तक किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, जिससे स्पष्ट है कि फिलहाल राज्य में मौसम शुष्क और गर्म ही बना रहेगा.
अप्रैल महीने के दौरान राज्य में हुई बेमौसमी बारिश ने कुछ समय के लिए मौसम को जरूर प्रभावित किया था, लेकिन अब दोबारा गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. लगातार साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय गर्मी अधिक महसूस हो रही है.
मानसून को लेकर भी इस बार अलग तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है. एक निजी मौसम एजेंसी ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है. एजेंसी के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल वर्षा सामान्य के मुकाबले कम रहने की संभावना है.
इस अनुमान के अनुसार, मानसून सीजन में करीब 94 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान है, जो कि सामान्य स्तर से नीचे माना जाता है. यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो इसका असर कृषि, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर पड़ सकता है.


