Sonia Gandhi Electoral Roll Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नाम को 1980 की मतदाता सूची में शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायत पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी. वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत ने सुनवाई टाल दी. अब मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को होगी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में दर्ज किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता और अधिवक्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली की मतदाता सूची में वर्ष 1980 में शामिल किया गया था, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी. शिकायत के मुताबिक, उनका नाम 1982 में सूची से हटाया गया और बाद में 1983 में फिर शामिल किया गया. शिकायतकर्ता ने इस मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है. हालांकि, ये आरोप हैं और अदालत ने अभी तक इनके आधार पर किसी अपराध को साबित नहीं माना है.
सेशन कोर्ट ने क्यों दोबारा सुनवाई का आदेश दिया?
21 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने शिकायत खारिज करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के 2025 के आदेश को रद्द कर दिया था. अदालत ने कहा था कि पुराने आदेश में शिकायत खारिज करने के पर्याप्त कारण दर्ज नहीं किए गए थे. इसी आधार पर मामले को नए सिरे से विचार के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में वापस भेजा गया.
यह भी पढ़ें- पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चा तेल महंगा, ब्रेंट 115.43 डॉलर पर पहुंचा
अब आगे क्या होगा?
मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) विनोद जोशी अब 6 नवंबर को शिकायत पर आगे सुनवाई करेंगे. सेशन कोर्ट के निर्देश के अनुसार, संबंधित पुलिस अधिकारी से स्टेटस रिपोर्ट मंगाने और उसका पक्ष सुनने के बाद मजिस्ट्रेट को कारणों सहित नया आदेश देना है. फिलहाल, अदालत के सामने यह तय करने की प्रक्रिया जारी है कि शिकायत पर आगे कानूनी कार्रवाई का आधार बनता है या नहीं. सुनवाई दोबारा शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि सोनिया गांधी के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं.


