देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में शामिल Tata Consultancy Services (TCS) इन दिनों अपने नए salary structure को लेकर चर्चा में है. कंपनी ने FY26 के लिए कर्मचारियों को 5% से 8% तक वेतन बढ़ोतरी देने की घोषणा की, लेकिन कई कर्मचारियों का कहना है कि appraisal के बाद भी उनके हाथ में आने वाली रकम यानी take-home salary उतनी नहीं बढ़ी जितनी उम्मीद थी.
सोशल मीडिया और कर्मचारी मंचों पर अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर हो रही है कि:
- salary structure में आखिर क्या बदला?
- variable pay कैसे जोड़ा गया?
- और Work From Office (WFO) नीति का वेतन से क्या संबंध है?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग! एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम, जानिए नए रेट
आखिर क्या बदलाव किया गया है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक TCS ने अपने compensation structure में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. पहले जो variable pay या performance bonus अलग तरीके से दिया जाता था, अब उसका हिस्सा “monthly performance pay” श्रेणी में जोड़ा गया है. नई व्यवस्था में यह भुगतान:
- व्यक्तिगत प्रदर्शन
- Work From Office Index (WFO)
- Deployment Index (DI)
- और अन्य संगठनात्मक मानकों
से जोड़ा गया है. यानी अब सिर्फ काम का प्रदर्शन ही नहीं बल्कि ऑफिस उपस्थिति भी वेतन के कुछ हिस्से को प्रभावित कर सकती है.
कर्मचारियों की सबसे बड़ी शिकायत क्या है?
कई कर्मचारियों का कहना है कि appraisal letter में salary बढ़ी हुई दिखाई दे रही है, लेकिन वास्तविक take-home pay पहले जितनी स्पष्ट नहीं रह गई. कुछ कर्मचारियों ने दावा किया कि:
- variable component बढ़ा दिया गया
- fixed हिस्सा कम स्पष्ट हुआ
- और monthly payout attendance से जुड़ गया.
इसके कारण कई लोगों को लग रहा है कि: “salary बढ़ी कम और structure ज्यादा बदल गया.”
Work From Office का वेतन से क्या संबंध?
यही इस पूरे मामले का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक TCS ने performance pay को Work From Office compliance से जोड़ दिया है. यानी:
- ऑफिस आने की नियमितता
- deployment स्थिति
- और संगठनात्मक नियम
अब payout को प्रभावित कर सकते हैं. कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि इससे hybrid work या work from home पसंद करने वालों पर दबाव बढ़ सकता है.
TCS ने क्या सफाई दी?
रिपोर्ट्स के अनुसार TCS का कहना है कि यह बदलाव:
- नए labour codes के अनुरूप
- salary standardisation
- और compensation structure को व्यवस्थित करने
के लिए किए गए हैं. कंपनी का दावा है कि revised structure का उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन को अधिक व्यवस्थित बनाना है, न कि take-home salary कम करना.
Labour Code का इससे क्या संबंध है?
भारत में आने वाले नए labour codes के तहत कंपनियों को:
- wage definition
- social security contribution
- और salary breakup
में बदलाव करने पड़ सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक कई कंपनियां:
- basic salary
- allowances
- और variable pay
का ढांचा दोबारा तैयार कर रही हैं. इसी वजह से IT sector में compensation restructuring बढ़ रही है.
Top Performers को कितना फायदा मिला?
TCS ने पहले संकेत दिया था कि top performers को double-digit hike मिल सकती है. लेकिन कई रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकतर कर्मचारियों को 5% से 8% के बीच ही increment मिला. कुछ कर्मचारियों का कहना है कि:
- appraisal expectations ज्यादा थीं
- लेकिन final increment उम्मीद से कम रहा.
क्या खराब rating वालों पर असर पड़ा?
रिपोर्ट्स के अनुसार कम rating पाने वाले कर्मचारियों को:
- कम increment
- या payout impact
का सामना करना पड़ा. इसी बीच एक और रिपोर्ट में दावा किया गया कि managers को लगभग 5% कर्मचारियों को lowest performance band में रखने के लिए कहा गया था. इससे कर्मचारियों में चिंता और बढ़ गई.
IT Sector में इतना दबाव क्यों बढ़ रहा?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूरा IT sector इस समय कई चुनौतियों से गुजर रहा है:
- AI automation
- global demand slowdown
- cost cutting
- और profit margin pressure
की वजह से कंपनियां खर्च नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं. इसी दौरान कंपनियां:
- office return policy
- performance-linked pay
- और workforce optimisation
पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.
सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया?
सोशल मीडिया और Reddit जैसे मंचों पर कई कर्मचारियों ने नाराजगी जताई. कुछ लोगों ने दावा किया कि:
- increment बहुत कम रहा
- salary growth धीमी है
- और micro-management बढ़ गया है.
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि:
- IT market फिलहाल दबाव में है
- इसलिए कंपनियां cautious approach अपना रही हैं.
CEO की salary को लेकर भी क्यों बढ़ी चर्चा?
इसी बीच TCS CEO K Krithivasan की FY26 salary भी चर्चा में आ गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका annual compensation 28 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा. इसके बाद कुछ कर्मचारियों ने सोशल media पर तुलना करते हुए सवाल उठाए कि:
- कर्मचारियों के increment सीमित क्यों हैं
- जबकि शीर्ष स्तर पर compensation लगातार बढ़ रहा है.
क्या सिर्फ TCS में हो रहा है ऐसा?
नहीं. विशेषज्ञों के मुताबिक पूरे IT sector में:
- lower increments
- variable-heavy structures
- और performance-linked payout
का चलन बढ़ रहा है. कई कंपनियां अब:
- attendance
- skill upgradation
- और productivity
को salary structure से जोड़ रही हैं.
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में:
- fixed salary की तुलना में variable component बढ़ सकता है
- AI skills वालों को ज्यादा increment मिल सकता है
- और hybrid work policies सख्त हो सकती हैं.
IT sector में compensation मॉडल धीरे-धीरे “performance + compliance” आधारित बनता दिखाई दे रहा है.
क्या बिना चीनी भी मीठी बन सकती है लस्सी? गर्मियों में लोग खूब ट्राई कर रहे ये तरीका
सबसे अहम बात क्या है?
TCS की salary hike announcement जितनी चर्चा में नहीं आई, उससे कहीं ज्यादा चर्चा उसके नए pay structure को लेकर हो रही है. कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि:
- salary structure पहले जितना आसान और पारदर्शी नहीं रहा
- variable pay और office attendance का असर बढ़ गया
- और take-home salary को समझना मुश्किल हो गया है.
आने वाले समय में यह मॉडल सिर्फ TCS ही नहीं बल्कि पूरे IT sector की नई दिशा बन सकता है.
aa

