लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण इस समय 24 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्य में कई नदियां अभी भी उफान पर हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्तरकूट जिले में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव अभियानों की समीक्षा कर रहे हैं.
बाढ़ की स्थिति के बीच गंगा, शारदा और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है. वहीं चित्तरकूट के राजापुर में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने भी राज्य के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
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24 जिले बाढ़ से प्रभावित
भारी बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश के 24 जिले फिलहाल बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्तरकूट पहुंचकर बाढ़ की स्थिति और rescue operations की समीक्षा कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया था.
गंगा कई जिलों में खतरे के निशान से ऊपर
राज्य की प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ा हुआ है. गंगा बदायूं, गाजीपुर और बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहीं फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है.
इसके अलावा लखीमपुर खीरी और बाराबंकी में शारदा नदी तथा अयोध्या और बलिया के तुर्तीपार में घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
चित्तरकूट के राजापुर में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे इलाके में बाढ़ की स्थिति को लेकर निगरानी बनी हुई है.
सीएम योगी ने किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित बाढ़ वाले इलाकों का हवाई सर्वे किया था. इस दौरान उन्होंने एक बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया और वहां प्रभावित लोगों से मुलाकात की.
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में लोगों से स्थिति की जानकारी ली और राहत सामग्री भी वितरित की.
अगले चार दिन पूर्वी यूपी में भारी बारिश की चेतावनी
बाढ़ की स्थिति के बीच मौसम विभाग ने भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर और बढ़ाए जाने की जरूरत है.
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नदियों के बढ़े जलस्तर से बढ़ी चुनौती
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन के सामने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी रखने की चुनौती है. एक तरफ कई जिलों में नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, तो दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है.
फिलहाल चित्तरकूट में मुख्यमंत्री बाढ़ की स्थिति और rescue operations की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि राज्य के कई हिस्सों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है.


