लखनऊ, 27 जून 2026. उत्तर प्रदेश के किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 6,18,482 पक्के घरों को मंजूरी देने की घोषणा की.
बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई तथा राज्य के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी.
किसानों को मिली राहत, 8 जुलाई तक होगी MSP पर खरीद
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के अनुरोध पर गेहूं, चना और मसूर की MSP पर खरीद की अंतिम तिथि 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 कर दी है.
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम, मंडियों में भीड़, तौल में देरी या अन्य व्यावहारिक कारणों से कोई भी किसान अपनी उपज MSP पर बेचने से वंचित न रहे.
इस निर्णय से राज्य के लाखों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है और उन्हें समर्थन मूल्य से कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी.
PMAY-G के तहत 6.18 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा पक्का घर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत 6,18,482 पक्के घरों की स्वीकृति पत्र भी सौंपा.
यह मंजूरी वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चलने वाले PMAY-G के नए चरण का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में अतिरिक्त 2 करोड़ ग्रामीण पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
उत्तर प्रदेश में चिन्हित पात्र ग्रामीण परिवारों को चरणबद्ध तरीके से इसका लाभ मिलेगा.
उत्तर प्रदेश के लिए बनेगा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
समीक्षा बैठक में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और गिरते भूजल स्तर जैसी चुनौतियों पर विशेष चर्चा हुई.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के गेहूं उत्पादन में लगभग 38 प्रतिशत योगदान देता है, इसलिए राज्य के लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक कृषि रणनीति तैयार करना आवश्यक है.
प्रस्तावित रोडमैप में—
- फसल विविधीकरण
- सिंचाई प्रबंधन
- जल संरक्षण
- उन्नत बीज
- आधुनिक कृषि तकनीक
- बेहतर विपणन व्यवस्था
जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा.
El Niño को लेकर बनेगी जिला स्तर की योजना
बैठक में इस वर्ष El Niño के संभावित प्रभाव और सामान्य से कम वर्षा की आशंका पर भी चर्चा हुई.
सरकार ने प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग Contingency Plan तैयार करने का निर्णय लिया है.
इसके तहत—
- कम अवधि वाली फसलें
- कम पानी में उगने वाली फसलें
- स्थानीय जल उपलब्धता के अनुसार कृषि सलाह
- कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से तकनीकी मार्गदर्शन
जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जाएगा.
‘हर खेत में खेती’ पर रहेगा फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी खेत खाली न रहे और किसानों की आय प्रभावित न हो.
इसके लिए राज्य और केंद्र मिलकर ऐसी रणनीति तैयार करेंगे जिससे बदलते मौसम के बावजूद कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा दोनों मजबूत बनी रहें.
ग्रामीण विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी प्रस्तुत की.
सरकार ने स्पष्ट किया कि कृषि, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास को अलग-अलग योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि किसानों, कृषि श्रमिकों और गरीब ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिल सके.
Source: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare.


