Lucknow Neela Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में सामने आया ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ पूरे प्रदेश में सनसनी का विषय बना हुआ है. पैथोलॉजी लैब के मालिक और शराब कारोबारी मानवेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके ही 21 वर्षीय बेटे को आरोपी बताया है. हालांकि हत्या की असली वजह का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन परिजन और पड़ोसी कई संभावित कारण गिना रहे हैं.
नीले ड्रम में मिला शव, बेटे पर आरोप
पुलिस के मुताबिक मानवेंद्र की हत्या कर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए गए थे. शुरुआती जांच में शक की सुई परिवार के भीतर ही घूमी और पूछताछ के बाद बेटा ही मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया. सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने हत्या अपनी ही लाइसेंसी राइफल से की और फिर आरी से शव को काटकर ड्रम में छिपा दिया.
मां की मौत का साया?
मानवेंद्र के भाई राघवेंद्र सिंह का कहना है कि करीब 9 साल पहले मानवेंद्र और उनकी पत्नी के बीच गंभीर विवाद हुआ था, जिसके बाद पत्नी ने जहर खाकर जान दे दी थी. परिजनों का मानना है कि बेटे के मन में कहीं न कहीं मां की मौत को लेकर पिता के प्रति गुस्सा पल रहा हो सकता है. हालांकि राघवेंद्र यह भी बताते हैं कि मानवेंद्र अपने बेटे से बेहद प्यार करते थे और चाहते थे कि वह डॉक्टर बने. इसी वजह से वह उसे NEET की तैयारी करवा रहे थे.
बिजनेस पर कब्जे की कोशिश?
पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपी बेटा पहले भी कई बार पिता के कारोबार की कमान अपने हाथ में लेने की कोशिश कर चुका था. करीब तीन साल पहले उसने कथित तौर पर पिता को घर में बंद कर पैसों की वसूली करने की कोशिश की थी. एक महीने पहले घर में गहनों की चोरी का मामला भी सामने आया था, जिनके बाद गहने घर से ही बरामद हुए और पिता-पुत्र में विवाद हुआ था.
महिला को लेकर भी विवाद
परिजनों और पड़ोसियों का दावा है कि पिता-पुत्र के बीच किसी महिला को लेकर भी अक्सर कहासुनी होती थी. हाल ही में मानवेंद्र ने शराब के कारोबार का विस्तार किया था, जिसमें बेटा दखल देना चाहता था. वहीं पिता उसे पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह देते थे, जबकि बेटा बिजनेस संभालना चाहता था.
गुमराह करने के लिए ‘मिसिंग ग्रुप’
मामले को भटकाने के लिए आरोपी बेटे ने सोशल मीडिया पर एक “मिसिंग ग्रुप” भी बनाया था. उसमें वह पुलिस अपडेट और FIR की कॉपी DSP ऑफिस भेजने जैसी बातें करता नजर आया, ताकि शक उस पर न जाए. सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने शव ठिकाने लगाने का तरीका 2025 के चर्चित मेरठ नीले ड्रम हत्याकांड (मुस्कान-साहिल केस) को सोशल मीडिया पर देखकर सीखा था.
कई सवाल अब भी बाकी
क्या यह मां की मौत का बदला था?
क्या बेटा बिजनेस साम्राज्य पर कब्जा चाहता था?
क्या पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट इस खौफनाक अंजाम तक पहुंची?
पुलिस अब हत्या के पीछे की असली मंशा और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. फिलहाल यह मामला रिश्तों के टूटने, लालच और मनोवैज्ञानिक दबाव की खतरनाक तस्वीर पेश कर रहा है.


