नई दिल्ली: दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही नमो भारत रैपिड रेल सेवा अब सिर्फ तेज और आरामदायक यात्रा तक सीमित नहीं रहेगी. यात्रियों और पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर पर एक नई और अनोखी सुविधा शुरू की गई है. एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन पर हाई-टेक को-वर्किंग स्पेस की शुरुआत की है. इस सुविधा के जरिए यात्री और प्रोफेशनल्स अब स्टेशन पर ही शांत माहौल में बैठकर काम कर सकेंगे. यह व्यवस्था खासतौर पर स्टार्टअप उद्यमियों, फ्रीलांसरों और नौकरीपेशा लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिन्हें कुछ घंटों के लिए पेशेवर कार्यस्थल की जरूरत होती है.
दिल्ली और मेरठ के अन्य नमो भारत स्टेशनों में मिलेगी ये सुविधा
एनसीआरटीसी के अनुसार यह आधुनिक को-वर्किंग स्पेस स्टेशन के कॉन्कोर्स लेवल पर तैयार किया गया है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग आरामदायक वातावरण में बैठकर काम कर सकें. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में दिल्ली और मेरठ के अन्य नमो भारत स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुविधा शुरू करने की योजना है.
बायोमीट्रिक और की-कार्ड के होगा जरिए
इस को-वर्किंग स्पेस में प्रवेश बायोमीट्रिक और की-कार्ड के जरिए होगा, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी. यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की आधुनिक तकनीक, वायरलेस स्क्रीन शेयरिंग सिस्टम और डिजिटल ब्रेनस्टॉर्मिंग जोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उपयोगकर्ता बिना किसी बाधा के अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें.
कितना होगा किराया और क्या होगी टाइमिंग?
सेवा के लिए अलग-अलग समयावधि के आधार पर शुल्क तय किए गए हैं. डे-पास सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक के लिए 499 रुपये रखा गया है. फ्लेक्सी डेस्क की मासिक सदस्यता 5,499 रुपये और डेडिकेटेड डेस्क के लिए 6,499 रुपये प्रति माह तय की गई है. निजी केबिन की सुविधा 18,499 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध होगी. इसके अलावा मीटिंग रूम को 999 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से बुक किया जा सकेगा, जबकि पॉडकास्ट स्टूडियो की सुविधा 2,999 रुपये प्रति घंटे के शुल्क पर उपलब्ध होगी. इससे नमो भारत स्टेशन अब सिर्फ यात्रा का केंद्र नहीं बल्कि काम और क्रिएटिव गतिविधियों का नया हब भी बन सकता है.


