Punganur Cow Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक पशु प्रेमी की अनोखी पसंद इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है. यहां के राजेंद्र अटल ने करीब 4 लाख रुपये खर्च कर ऐसी गाय खरीदी है, जिसका दूध आम दूध की तुलना में कई गुना महंगा बताया जा रहा है, यहां तक कि बादाम से भी ज्यादा कीमती. राजेंद्र अटल पहले से ही पशु-पक्षियों के शौकीन हैं. उनके पास कई नस्लों की गायें, खरगोश, कबूतर, मछलियां, बिल्लियां और कुत्ते मौजूद हैं, लेकिन इस बार उनके घर आई यह नन्ही गाय सबसे खास बन गई है. इसकी मासूमियत और अलग पहचान ने हर किसी का ध्यान खींच लिया है.
यह गाय दुनिया की सबसे छोटी नस्लों में से एक मानी जाती है, जिसे पुंगनूर गाय कहा जाता है. यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाती है. इसकी ऊंचाई लगभग ढाई फीट के आसपास होती है, जो इसे अन्य गायों से बिल्कुल अलग बनाती है.
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दुनिया की सबसे छोटी गाय
सहारनपुर में पशु प्रेम के लिए पहचाने जाने वाले राजेंद्र अटल इन दिनों एक अनोखी वजह से सुर्खियों में हैं. उन्होंने करीब 4 लाख रुपये की एक बेहद खास और दुनिया की सबसे छोटी मानी जाने वाली गाय खरीदी है, जिसका दूध 1000 रुपये प्रति लीटर तक बिकने की चर्चा है.
नन्ही गाय ने बढ़ाई राजेंद्र के कलेक्शन की शान
राजेंद्र अटल के पास पहले से ही गायों, खरगोश, कबूतर, मछलियों, बिल्लियों और कुत्तों का बड़ा संग्रह है, लेकिन यह नन्ही गाय उनके लिए सबसे खास बन गई है. उनका कहना है कि उन्हें इस नस्ल को पालने की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोटी गायों के साथ देख कर मिली.
पीएम मोदी की भी दुलारी
यह गाय ‘पुंगनूर’ नस्ल की है, जो मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाती है. इसकी खासियत इसकी बेहद छोटी कद-काठी है, जिसकी ऊंचाई लगभग ढाई फीट के आसपास होती है. कम चारा खाने वाली यह गाय शांत और मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती है.
इस गाय का धार्मिक मान्यता क्या है?
माना जाता है कि धार्मिक दृष्टि से भी इस गाय का विशेष महत्व है. कई लोग इसके दूध को पवित्र मानते हैं और शिवलिंग अभिषेक में इसका उपयोग शुभ मानते हैं. यही वजह है कि इसके दूध की कीमत सामान्य दूध से कई गुना ज्यादा बताई जाती है. राजेंद्र अटल अब इस नस्ल के संवर्धन की योजना बना रहे हैं ताकि इसे स्थानीय स्तर पर भी लोग आसानी से पाल सकें.


