भारत में रसोई गैस की कीमतों को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है, लेकिन अब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दावा किया है कि भारतीय परिवार आज भी दुनिया के सबसे कम LPG मूल्य चुकाने वाले उपभोक्ताओं में शामिल हैं. सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को प्रभावी रूप से ₹642 में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर मिल रहा है, जबकि इसकी वास्तविक आपूर्ति लागत ₹1,600 से अधिक पहुंच चुकी है.
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला गया है. इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां और केंद्र सरकार लागत का बड़ा हिस्सा वहन कर रही हैं.
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पड़ोसी देशों से कितना सस्ता है भारतीय LPG?
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में उज्ज्वला योजना के लाभार्थी जिस कीमत पर सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं, वह कई पड़ोसी देशों की तुलना में काफी कम है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- भारत (उज्ज्वला लाभार्थी): ₹642
- पाकिस्तान: ₹1,046
- नेपाल: ₹1,207
- बांग्लादेश: लगभग ₹1,225
- श्रीलंका: ₹1,241
- अमेरिका: लगभग ₹1,755
- ऑस्ट्रेलिया: लगभग ₹1,765
- कनाडा: लगभग ₹2,411
इन आंकड़ों के आधार पर सरकार का दावा है कि भारतीय उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तुलना में काफी कम कीमत पर LPG उपलब्ध कराया जा रहा है.
सामान्य उपभोक्ता और उज्ज्वला लाभार्थी में क्या अंतर है?
दिल्ली में सामान्य घरेलू उपभोक्ता को 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है. वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर ₹300 प्रति सिलेंडर की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) सहायता मिलती है. इस सहायता के बाद उनकी प्रभावी लागत ₹642 प्रति सिलेंडर रह जाती है.
सरकार के अनुसार एक सामान्य उज्ज्वला परिवार साल में औसतन चार सिलेंडर का उपयोग करता है, इसलिए उसे वर्षभर में ₹1,200 तक की सहायता मिलती है.
आखिर इतनी बढ़ गई है LPG की लागत क्यों?
मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में तेज बढ़ोतरी हुई है. इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधान बताए गए हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- फरवरी 2026 में LPG का सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस लगभग 542.5 डॉलर प्रति टन था.
- अप्रैल में यह बढ़कर 775 डॉलर प्रति टन पहुंच गया.
- जून में यह करीब 790 डॉलर प्रति टन हो गया.
यानी फरवरी से जून के बीच LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
सरकार कितना बोझ उठा रही है?
सरकार के अनुसार मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की वास्तविक लागत ₹1,600 से अधिक हो चुकी है. इसके बावजूद उपभोक्ताओं से ₹942 या उज्ज्वला लाभार्थियों से प्रभावी रूप से ₹642 ही लिए जा रहे हैं.
इसका मतलब है कि प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर लगभग ₹700 की अंडर-रिकवरी हो रही है, जिसे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां और सरकार वहन कर रही हैं.
LPG पर कितना खर्च कर रही है सरकार?
मंत्रालय के अनुसार:
- वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू LPG पर अंडर-रिकवरी ₹41,338 करोड़ थी.
- वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई.
- केंद्र सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को ₹30,000 करोड़ का मुआवजा देने को मंजूरी दी है.
इसके अतिरिक्त उज्ज्वला योजना के तहत अलग से सब्सिडी भी दी जा रही है.
10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को फायदा
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना देश की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक मानी जाती है. सरकार के अनुसार अब तक 10.58 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन इस योजना के तहत दिए जा चुके हैं.
इन परिवारों को सिलेंडर पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ाने में मदद मिलती है.
होर्मुज संकट के दौरान भी नहीं हुई कमी
रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से की ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है. हाल के तनाव के दौरान कई देशों को आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी.
सरकार का दावा है कि:
- भारतीय टैंकर लगातार संचालन करते रहे.
- देश में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं हुई.
- LPG की बॉटलिंग और वितरण सामान्य रूप से जारी रहा.
- वैकल्पिक देशों से भी LPG की खरीद बढ़ाई गई.
घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया गया
ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए घरेलू LPG उत्पादन में भी वृद्धि की गई. मंत्रालय के अनुसार उत्पादन लगभग 32 TMT से बढ़ाकर 52 TMT तक पहुंचाया गया, जो 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है.
इसके अलावा अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से भी आपूर्ति के विकल्पों का उपयोग किया गया ताकि घरेलू मांग प्रभावित न हो.
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उपभोक्ताओं से क्या अपील की गई?
सरकार ने उपभोक्ताओं से LPG का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है. मंत्रालय का कहना है कि LPG एक मूल्यवान ऊर्जा संसाधन है और इसकी बचत से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है.
ऊर्जा दक्ष खाना पकाने की आदतों को अपनाने और गैस की अनावश्यक खपत कम करने की भी सलाह दी गई है.
Source: Press Information Bureau (PIB), Ministry of Petroleum & Natural Gas, Government of India (Release ID: 2269944).


