देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इस फैसले के बाद आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के बीच भी यह सवाल उठने लगा है कि अब उन्हें गैस सिलेंडर के लिए कितनी रकम चुकानी होगी. हालांकि कीमत बढ़ने के बावजूद सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी जारी रहने के कारण उज्ज्वला लाभार्थियों पर इसका असर सामान्य उपभोक्ताओं की तुलना में कम रहेगा.
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क्या है नया एलपीजी रेट?
ताजा संशोधन के बाद 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि की गई है. दिल्ली में घरेलू सिलेंडर का रेट बढ़कर लगभग 942 रुपये हो गया है. यह हाल के महीनों में दूसरी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी मानी जा रही है.
तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत और आपूर्ति से जुड़े खर्च बढ़ने के कारण मूल्य संशोधन आवश्यक हो गया था. सरकार के अनुसार, कीमत बढ़ने के बाद भी कंपनियों को प्रति सिलेंडर भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है.
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को कितना भुगतान करना होगा?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी दी जा रही है. यह सब्सिडी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी जारी रखी गई है.
ऐसे में यदि किसी शहर में घरेलू सिलेंडर की बाजार कीमत 942 रुपये है, तो 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला लाभार्थी की प्रभावी लागत लगभग 642 रुपये रह सकती है. वास्तविक भुगतान राज्य, स्थानीय करों और वितरण क्षेत्र के आधार पर थोड़ा अलग हो सकता है.

उज्ज्वला योजना क्यों है महत्वपूर्ण?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी. योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार देशभर में 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं.
इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. साथ ही महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है.
सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार का कहना है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है. इसी वजह से उज्ज्वला लाभार्थियों को राहत देने के लिए सब्सिडी व्यवस्था जारी रखी गई है ताकि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.
आम उपभोक्ताओं और लाभार्थियों के लिए क्या मायने?
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी निश्चित रूप से घरेलू बजट पर असर डाल सकती है. हालांकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी एक महत्वपूर्ण राहत बनी हुई है. इससे करोड़ों परिवारों को स्वच्छ ईंधन का उपयोग जारी रखने में मदद मिलेगी, जबकि सरकार ऊर्जा सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है.
स्रोत: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पोर्टल, पीएमओ, मीडिया रिपोर्ट्स.
FAQs
Q1. LPG सिलेंडर की कीमत में कितने रुपये की बढ़ोतरी हुई है?
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद कई शहरों में नए रेट लागू हो गए हैं.
Q2. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को क्या सब्सिडी मिलती है?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर पर 300 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है.
Q3. कीमत बढ़ने के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को कितना भुगतान करना होगा?
यह राशि शहर और स्थानीय करों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद लाभार्थियों को बाजार मूल्य से कम कीमत चुकानी पड़ती है.
Q4. सरकार ने LPG सिलेंडर के दाम क्यों बढ़ाए हैं?
सरकार और तेल विपणन कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की लागत, आयात खर्च और अन्य परिचालन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया गया है.


