Ram Mandir donation box embezzlement case: राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की रकम के कथित गबन का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. इस मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर जहां मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले कई कर्मचारी हैं, वहीं एसओजी (SOG) और स्थानीय पुलिस ने रुदौली क्षेत्र से एक युवक को हिरासत में लिया है, जिसके पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की खबर है.
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गुप्त ठिकाने पर छुपाकर रखी थी रकम, छापेमारी में बरामद
मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने रुदौली तहसील के शुजागंज क्षेत्र स्थित मीनापुर फगौली गांव में रहने वाले युवक लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बेहद गोपनीय तरीके से की गई.
गांव में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, आरोपी युवक के पास से लगभग 10 से 12 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि कथित तौर पर गबन की कुछ रकम घर के बाहर एक ‘घूर’ (कूड़े के ढेर) में छुपाकर रखी गई थी, जिसे जांच टीम ने ढूंढ निकाला. हालांकि, बरामद रकम के सटीक आंकड़ों को लेकर अभी पुलिस या मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
कार मिस्त्री से मंदिर कर्मी बना, अचानक बदली माली हालत
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश मिश्रा पहले एक कार मिस्त्री के रूप में काम करता था. कुछ समय पहले ही उसे राम मंदिर में एक कर्मचारी के रूप में नौकरी मिली थी. मंदिर में सेवा शुरू करने के बाद से उसकी और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में अचानक तेजी से बदलाव देखा गया, जिससे लोगों को अंदेशा हुआ.
मकान के लिए गिरवी रखी थी जमीन
इस पूरे मामले पर आरोपी के पिता बच्चूलाल ने अपनी सफाई पेश की है. उनका कहना है कि जब जांच टीम उनके घर पहुंची, तब वे गाजियाबाद में थे और उन्हें इस बरामद धन के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि फैजाबाद (अयोध्या) में जो मकान बन रहा है, उसका उनके बेटे से कोई लेना-देना नहीं है. उस मकान के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी कृषि भूमि को गिरवी रखा है.
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं एजेंसियां, कई कर्मचारी रडार पर
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और गिनती (कैश काउंटिंग) से जुड़े कई अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं. एसओजी और अन्य जांच एजेंसियां मंदिर परिसर के भीतर और काउंटिंग रूम के पिछले कई दिनों के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को बारीकी से खंगाल रही हैं.
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एजेंसियों को अंदेशा है कि इतने बड़े पैमाने पर गबन बिना किसी आंतरिक मिलीभगत के संभव नहीं है. फिलहाल हिरासत में लिए गए युवक से गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है. जांच अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों को पूरी तरह संकलित करने और पूछताछ मुकम्मल होने के बाद ही इस पूरे नेटवर्क और गबन की गई कुल राशि की आधिकारिक तस्वीर साफ हो सकेगी.


