Chanakya Niti Maa Lakshmi Vaas: हिंदू धर्म शास्त्रों में धन और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी को ‘चंचला’ कहा गया है. इसका अर्थ है कि उनका स्वभाव एक ही स्थान पर स्थिर रहना नहीं है. हर व्यक्ति की यही कामना होती है कि उसके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास हो, जिसके लिए लोग कई तरह के जतन और उपाय भी करते हैं. महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में स्पष्ट रूप से बताया है कि मां लक्ष्मी किस जगह पर स्वयं आकर निवास करती हैं और किन जगहों से तुरंत रूठ जाती हैं. आइए जानते हैं आज का चाणक्य नीति सुविचार…
आचार्य चाणक्य का श्लोक
मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् .
दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता ..
श्लोक का अर्थ
चाणक्य ने इस श्लोक के माध्यम से बताया है कि जहां मूर्खों की पूजा नहीं होती है, जहां अन्न काफी मात्रा में इकट्ठा रहता है और जहां पति-पत्नी में किसी प्रकार का कलह या लड़ाई-झगड़ा नहीं होता है. ऐसे स्थान पर मां लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करने लगती हैं.
इन 3 जगहों पर होता है मां लक्ष्मी का वास
- आचार्य चाणक्य के अनुसार, जिन घरों में ये तीन बातें होती हैं, वहां धन-संपदा अपने आप बढ़ने लगती है.
- जो लोग मूर्ख लोगों की बातों में आने के बजाय ज्ञान और गुणवान व्यक्ति का आदर-सम्मान करते हैं.
- जो अपने घरों या गोदामों में अन्न का उचित संग्रह करते हैं और अन्न का अपमान नहीं करते.
- जिस घर में पति-पत्नी के बीच किसी प्रकार का कोई मतभेद या कलह नहीं होती, और प्रेम बना रहता है.
चाणक्य कहते हैं कि मां लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहां पवित्रता, अच्छा आचरण, सही कर्म और बड़ों का सम्मान होता है. जिस घर में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता, वहां मां लक्ष्मी अपनी इच्छा से कभी घर नहीं छोड़ती हैं.
किन घरों से रूठ जाती हैं धन की देवी?
नीति शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष आदतें और माहौल मां लक्ष्मी को रुष्ट कर देते हैं. ऐसे स्थानों पर वे कभी वास नहीं करतीं, जिस जगह पर साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता है या जहां के लोग गंदे और मैले कपड़े पहनते हैं. (कृपा पाने के लिए स्वयं की और घर की स्वच्छता अनिवार्य है). जो लोग आवश्यकता से अधिक भोजन करते हैं, वहां दरिद्रता आती है और मां लक्ष्मी का वास नहीं होता. जिन घरों में लोग सूर्योदय से पूर्व नहीं जागते या सूर्यास्त से पूर्व ही सो जाते हैं, ऐसे आलस्य से भरे घरों में मां लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती हैं.
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं. विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.


