नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. रेलवे मंत्रालय ने पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आदिपुर-भुज रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling) परियोजना को मंजूरी दे दी है. लगभग 493 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और माल परिवहन को नई गति मिलेगी.
रेल मंत्रालय के अनुसार, आदिपुर-भुज रेलखंड की कुल लंबाई 49 किलोमीटर है. वर्तमान में यह मार्ग सिंगल लाइन पर संचालित होता है. परियोजना पूरी होने के बाद इस पूरे खंड पर डबल लाइन उपलब्ध होगी, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज और सुचारू हो सकेगी.
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कच्छ क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
कच्छ गुजरात का रणनीतिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है. यहां बंदरगाह, औद्योगिक इकाइयां और व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आदिपुर-भुज सेक्शन का दोहरीकरण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा. इससे उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा और माल परिवहन की लागत कम करने में मदद मिलेगी.
क्यों जरूरी थी डबल लाइन
वर्तमान में आदिपुर-भुज खंड गांधिधाम-नलिया कॉरिडोर का हिस्सा है. आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में कई नई रेलवे परियोजनाएं पूरी होने वाली हैं. इनमें भुज-नलिया गेज परिवर्तन, नलिया-वायोर लाइन विस्तार, नलिया-जखाऊ नई लाइन, वायोर-लखपत लाइन और देशलपर-लूणा रेल परियोजनाएं शामिल हैं.
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्री और माल परिवहन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. रेलवे ने इसी भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए समय रहते दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी है.
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
रेल मंत्रालय के अनुसार, डबल लाइन बनने के बाद प्रतिदिन दोनों दिशाओं में दो अतिरिक्त यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू की जा सकेंगी. इससे क्षेत्र के यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
विशेष रूप से भुज, गांधिधाम और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को यात्रा के लिए अधिक सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. पर्यटन और व्यापारिक यात्रा दोनों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है.
माल परिवहन क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
यह परियोजना केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं है. रेलवे के अनुसार, डबल लाइन बनने के बाद प्रति वर्ष अतिरिक्त 12 मिलियन टन माल परिवहन की क्षमता विकसित होगी.
कच्छ क्षेत्र में मौजूद बंदरगाहों, औद्योगिक इकाइयों और लॉजिस्टिक केंद्रों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है. मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा.
बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करेगी परियोजना
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस सेक्शन की लाइन क्षमता उपयोग दर आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने वाली है. अनुमान है कि वर्ष 2029-30 तक यह 123 प्रतिशत तक पहुंच सकती है.
ऐसी स्थिति में यदि समय पर क्षमता विस्तार नहीं किया जाता तो ट्रेनों के संचालन पर दबाव बढ़ सकता था. डबल लाइन परियोजना इस चुनौती का समाधान प्रदान करेगी और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी.
रेलवे को भी होगा आर्थिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि यात्री और माल परिवहन में वृद्धि से भारतीय रेलवे की आय में भी बढ़ोतरी होगी. अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं और बढ़ा हुआ माल परिवहन रेलवे के राजस्व को मजबूत करने में योगदान देंगे.
साथ ही ट्रेनों के संचालन में होने वाली देरी और बाधाओं में कमी आने से परिचालन दक्षता भी बेहतर होगी. इससे रेलवे नेटवर्क अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बन सकेगा.
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा
भारतीय रेलवे वर्तमान में देशभर में क्षमता विस्तार, नई लाइनों, दोहरीकरण और तिहरीकरण जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क तैयार करना है.
आदिपुर-भुज डबल लाइन परियोजना भी इसी रणनीति का हिस्सा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल कच्छ क्षेत्र बल्कि पूरे पश्चिमी भारत के आर्थिक और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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रेल मंत्रालय का कहना है कि इस परियोजना से यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता में वृद्धि और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी. साथ ही यह गुजरात के बढ़ते औद्योगिक और व्यापारिक महत्व को समर्थन देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा निवेश साबित होगा.
स्रोत: Ministry of Railways


