देशभर के छोटे कारोबारियों, ग्रामीण उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ नई रणनीतिक साझेदारी की है. इस पहल का उद्देश्य सरकारी खरीद के अवसरों को देश के दूरदराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना है.
नई दिल्ली में 18 जून 2026 को दोनों संस्थाओं के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता वर्ष 2022 में शुरू हुए GeM-CSC सहयोग का विस्तारित संस्करण है, जिसके माध्यम से अब विक्रेताओं को केवल पंजीकरण ही नहीं बल्कि कैटलॉग सूचीकरण और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भी सहायता मिलेगी.
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क्या है GeM और CSC की नई साझेदारी
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) भारत सरकार का राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है, जहां विभिन्न सरकारी विभाग और संस्थान वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद करते हैं. वहीं CSC देशभर में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने वाला एक विशाल नेटवर्क है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच रखता है.
नई साझेदारी के तहत CSC नेटवर्क के माध्यम से छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स, कारीगरों, बुनकरों, महिला उद्यमियों और किसान उत्पादक संगठनों को GeM पोर्टल पर जुड़ने और सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी.
50 GeM सुविधा केंद्र होंगे शुरू
इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 50 GeM सुविधा केंद्र (GSK) स्थापित करने की है. शुरुआत में इन्हें पायलट परियोजना के रूप में दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में शुरू किया जाएगा.
ये केंद्र विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को GeM से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए सहायता प्रदान करेंगे. यहां पंजीकरण, प्रशिक्षण, ऑनबोर्डिंग, उत्पाद सूचीकरण, शिकायत निवारण और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.
MSME और महिला उद्यमियों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई व्यवस्था विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय निर्माताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध होने से अधिक से अधिक छोटे व्यवसाय सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ सकेंगे. इससे उनकी बाजार पहुंच बढ़ेगी और उन्हें नए व्यापारिक अवसर मिलेंगे.
ऑनबोर्डिंग से कैटलॉग सूचीकरण तक मिलेगी मदद
पहले GeM-CSC सहयोग मुख्य रूप से विक्रेता पंजीकरण और प्रोफाइल निर्माण तक सीमित था. अब नए ढांचे के तहत विक्रेताओं को पूरी प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी.
इसमें विक्रेता मूल्यांकन, ब्रांड अनुमोदन, उत्पाद एवं सेवा कैटलॉग निर्माण, कैटलॉग प्रकाशन और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं में सहयोग शामिल है. इससे छोटे उद्यमियों के लिए GeM पर सक्रिय रूप से कारोबार करना आसान होगा.
5.3 लाख विक्रेताओं को पहले ही मिला लाभ
GeM और CSC के पूर्व सहयोग के तहत लगभग 5.3 लाख विक्रेताओं ने CSC नेटवर्क के माध्यम से पंजीकरण और प्रोफाइल निर्माण की प्रक्रिया पूरी की थी. इस सफलता के बाद अब दोनों संस्थाएं सरकारी खरीद में और अधिक समावेशिता लाने की दिशा में काम कर रही हैं.
सरकार को उम्मीद है कि नई पहल के जरिए अधिक संख्या में ग्रामीण और अर्ध-शहरी उद्यमी सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी.
सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया होगी अधिक समावेशी
विशेषज्ञों का मानना है कि GeM और CSC की यह साझेदारी सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इससे छोटे व्यवसायों को बड़े सरकारी बाजार तक पहुंच मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा.
यह पहल डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी.
स्रोत: Ministry of Commerce and Industry


