वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 27 जून 2026. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. भारत सहित 35 देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल Pax Silica Initiative के तहत भरोसेमंद और मजबूत AI Supply Chains विकसित करने के लिए संयुक्त घोषणा (Joint Statement on AI Opportunity) का समर्थन किया है.
यह घोषणा अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में आयोजित दूसरे Pax Silica Summit के दौरान की गई, जिसमें कई देशों के सरकारी प्रतिनिधि और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हुए.
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क्या है Pax Silica Initiative?
Pax Silica Initiative का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल तकनीकों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत वैश्विक सप्लाई चेन विकसित करना है.
इस पहल के जरिए सदस्य देश ऐसी तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना चाहते हैं, जिससे AI से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों की उपलब्धता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
भारत की ओर से किसने किया प्रतिनिधित्व?
सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन (S. Krishnan) ने किया.
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया.
इन बैठकों में मुख्य रूप से-
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- सेमीकंडक्टर निर्माण
- भरोसेमंद तकनीकी सप्लाई चेन
- भविष्य की डिजिटल साझेदारी
जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
अमेरिका ने भारत को बताया अहम साझेदार
अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग (Jacob Helberg) ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है.
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान भारत के साथ—
- Quad सहयोग
- TRUST Initiative
- उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी
जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई.
किन देशों ने लिया हिस्सा?
सम्मेलन में भारत के अलावा कई अन्य देशों ने भी Pax Silica Initiative का समर्थन किया.
इनमें प्रमुख रूप से—
- अर्जेंटीना
- चिली
- कोस्टा रिका
- जर्मनी
- ग्रीस
- कज़ाखस्तान
- नीदरलैंड
- पनामा
- यूरोपीय संघ (European Union)
शामिल रहे.
भारत पहले ही जुड़ चुका है इस पहल से
भारत ने फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान Pax Silica Initiative में शामिल होने की घोषणा की थी.
अब दूसरे शिखर सम्मेलन में भारत ने अन्य देशों के साथ मिलकर AI तकनीक के लिए सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक सप्लाई नेटवर्क तैयार करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में AI, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल होंगे.
ऐसे में सुरक्षित और विविध सप्लाई चेन विकसित करने से—
- तकनीकी निर्भरता कम होगी.
- नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
- वैश्विक सहयोग मजबूत होगा.
- AI उद्योग के लिए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
- सदस्य देशों के बीच तकनीकी साझेदारी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे.
Source: Official Summit Information / Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY).


