नई दिल्ली, 28 जून 2026. त्योहारी सीजन से पहले राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने चेन्नई पोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चीन से अवैध रूप से लाई जा रही आतिशबाजी और पटाखों की तस्करी के दो प्रयासों को विफल कर दिया है. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने हजारों चीनी मूल के पटाखे बरामद किए और एक संगठित तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा किया.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें कंटेनरों में घोषित सामान के पीछे बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पटाखे छिपाकर भारत लाए जा रहे थे.
ट्रॉली बैग और स्प्रेयर के नाम पर लाई जा रही थी खेप
DRI अधिकारियों ने चीन से आए 40-40 फीट के दो कंटेनरों को रोका. आयात दस्तावेजों में इन कंटेनरों में ट्रॉली बैग और स्प्रेयर होने की घोषणा की गई थी.
हालांकि, विस्तृत जांच में अधिकारियों को कंटेनरों के भीतर घोषित सामान के पीछे बड़ी मात्रा में छिपाए गए लगभग 46,000 चीनी मूल के पटाखे और आतिशबाजी सामग्री मिली. इन्हें जांच से बचाने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाया गया था.
18.7 मीट्रिक टन पटाखों की तस्करी का भी खुलासा
एक अन्य मामले में DRI द्वारा विकसित खुफिया जानकारी के आधार पर चेन्नई कस्टम्स ने कार्रवाई करते हुए 18.7 मीट्रिक टन चीनी मूल के पटाखों की अवैध निकासी से जुड़े एक तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया.
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और तस्करी के तरीके की विस्तृत जांच कर रही हैं.
सुरक्षा और नियमों के लिहाज से अहम कार्रवाई
चीनी मूल के प्रतिबंधित या अवैध रूप से आयातित पटाखों को लेकर समय-समय पर सुरक्षा और नियामकीय चिंताएं सामने आती रही हैं. ऐसे मामलों में सीमा शुल्क नियमों, आयात मानकों और अन्य कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की जाती है.
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध आयात पर रोक लगाना और सीमा शुल्क कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है.
जांच जारी
अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है. तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, आयात दस्तावेजों और आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके.
Source: Ministry of Finance | Directorate of Revenue Intelligence (DRI)


