गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेल मार्ग पर एक बार फिर चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. नरकटियागंज-बढ़नी पैसेंजर ट्रेन पर देर रात अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे इंजन के साइड का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या रेल कर्मचारी को चोट नहीं आई. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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नकहा जंगल और मानीराम स्टेशन के बीच हुई घटना
जानकारी के अनुसार, नरकटियागंज से बढ़नी जा रही पैसेंजर ट्रेन पर गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे नकहा जंगल और मानीराम रेलवे स्टेशन के बीच पत्थर फेंके गए. अचानक हुए हमले से लोको पायलट भी कुछ देर के लिए घबरा गए. पत्थर इंजन के साइड वाले शीशे पर लगा, जिससे उसमें दरार आ गई.
मानीराम स्टेशन पर दी गई सूचना
घटना के बाद ट्रेन के मानीराम स्टेशन पहुंचने पर लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को लिखित सूचना दी. सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. अधिकारियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में पत्थर फेंकने वालों की पहचान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
लगातार सामने आ रही हैं ऐसी घटनाएं
गोरखपुर, गोंडा और बढ़नी रेलखंड पर पिछले कुछ महीनों में पत्थरबाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हाल ही में बहराइच-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन पर भी पत्थर फेंके गए थे, जिसमें एक महिला यात्री घायल हो गई थी. इसी तरह नकहा-गोंडा पैसेंजर और कुशीनगर एक्सप्रेस पर भी अलग-अलग स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं दर्ज की गई थीं.
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं. इसलिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है.
यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे का फोकस
रेल प्रशासन ने कहा है कि ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है. घटना के बाद संबंधित रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. साथ ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल संयुक्त रूप से पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ा रहे हैं.
Source: दैनिक जागरण की रिपोर्ट एवं रेलवे अधिकारियों द्वारा उपलब्ध जानकारी.


