देहरादून: उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास विभाग द्वारा दीन दयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, आजीविका और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है.
योजना के तहत महिलाओं को समूह बनाकर बचत करने, बैंक ऋण प्राप्त करने और सरकारी अनुदान के माध्यम से आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं.
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योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीब महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियां शुरू कर सकती हैं.
योजना के तहत मिलने वाले लाभ
DAY-NULM सेल्फ हेल्प ग्रुप योजना के तहत पात्र महिलाओं को निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं:
- प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को भारत सरकार की ओर से एकमुश्त ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि.
- बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा.
- महिलाओं के आजीविका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता.
- स्वरोजगार गतिविधियों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान (सब्सिडी).
- समूह आधारित बचत और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता पूरी करनी होगी:
- उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए.
- आवेदक महिला हो.
- शहरी निकाय क्षेत्र की निवासी हो.
- आधार कार्ड उपलब्ध हो.
- एक पासपोर्ट आकार का फोटो हो.
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो.
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है.
प्रक्रिया इस प्रकार है:
- नगर निकाय के कर्मचारी वार्डों में जाकर महिलाओं के साथ बैठक आयोजित करते हैं.
- इच्छुक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है.
- समूह बनने के बाद किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में समूह का बचत खाता खोला जाता है.
- समूह की सदस्य नियमित मासिक बचत जमा करती हैं.
- इसके बाद बैंक के Cash Credit Limit (CCL) के माध्यम से स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र
- अन्य आवश्यक दस्तावेज (यदि मांगे जाएं)
महिलाओं के लिए कैसे फायदेमंद है योजना?
इस योजना के माध्यम से महिलाएं समूह बनाकर सामूहिक बचत करती हैं और बैंक ऋण की सहायता से छोटे उद्योग, व्यापार या अन्य स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर सकती हैं. इससे उनकी आय बढ़ती है, आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलती है और परिवार की आजीविका मजबूत होती है.
Source: Government Of India


