MP Weather Update 3 July 2026: मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले कई दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल मौसम केंद्र ने 3 जुलाई से अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं और भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
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3 जुलाई को किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से 4 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक हरदा और खंडवा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन दोनों जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है.
वहीं बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और देवास में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

इसके अलावा रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, उज्जैन, अनूपपुर, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो और ऑरेंज स्तर का अलर्ट जारी किया गया है.
भोपाल, विदिशा, सीहोर, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मंडला, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में भी गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है.
अगले 5 दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जुलाई से 7 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है.
क्यों सक्रिय हुआ मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसून के पीछे कई मौसम प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है और आने वाले 2 से 3 दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है.
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. मौसमी ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से होकर मध्य प्रदेश और कम दबाव वाले क्षेत्र तक गुजर रही है. पश्चिमी विक्षोभ और शियर जोन का प्रभाव भी प्रदेश के मौसम को लगातार प्रभावित कर रहा है.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई.
सबसे अधिक वर्षा केवलारी में 166 मिमी दर्ज हुई. इसके बाद चांद में 140 मिमी, मुलताई में 112 मिमी, सिंगरौली में 104 मिमी, जोबटनगर में 102.1 मिमी, उज्जैन में 101 मिमी, विदिशा में 100 मिमी, नेपानगर में 96.6 मिमी, पीथमपुर में 87 मिमी और बैतूल बाजार में 83.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.

लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
- बिजली चमकने पर सुरक्षित भवन में शरण लें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले नालों से दूरी बनाए रखें.
- अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें.
- किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की चेतावनी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल.
FAQs
Q1. 3 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट कहां है?
उत्तर: IMD के अनुसार 3 जुलाई को हरदा और खंडवा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. यहां अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
Q2. मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर कब तक जारी रहेगा?
उत्तर: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
Q3. खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर: गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें.


