खादी कारीगरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने Janshree Bima Yojana for Khadi Artisans शुरू की है. यह योजना भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सहयोग से संचालित की जाती है और खादी से जुड़े स्पिनर्स तथा वीवर्स को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराती है.
इस योजना के तहत प्राकृतिक मृत्यु, दुर्घटना, स्थायी या आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके अलावा कारीगरों के बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी मिलता है.
क्या है Janshree Bima Yojana for Khadi Artisans?
यह एक समूह बीमा योजना है जिसे Khadi Karigar Janshree Bima Yojana (JBY) के नाम से भी जाना जाता है. इसका उद्देश्य खादी कारीगरों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके.
योजना के प्रमुख लाभ
इस योजना के तहत निम्नलिखित बीमा लाभ उपलब्ध हैं.
मृत्यु पर सहायता
- प्राकृतिक मृत्यु होने पर ₹20,000
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹50,000
स्थायी दिव्यांगता
यदि दुर्घटना में दोनों आंखों की दृष्टि चली जाए या दोनों हाथ या पैर स्थायी रूप से प्रभावित हो जाएं, तो ₹50,000 की सहायता प्रदान की जाती है.
आंशिक दिव्यांगता
यदि एक आंख की दृष्टि चली जाए या एक हाथ अथवा एक पैर स्थायी रूप से प्रभावित हो जाए, तो ₹25,000 की सहायता मिलती है.
बच्चों के लिए छात्रवृत्ति
योजना के अंतर्गत खादी कारीगर के बच्चों को भी लाभ मिलता है.
- कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति
- प्रति छात्र ₹300 प्रति तिमाही
- अधिकतम दो बच्चों तक यह सुविधा उपलब्ध
कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है.
- आवेदक खादी कारीगर (Khadi Artisan) होना चाहिए.
- आयु 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- स्वीकृत व्यवसाय या समूह का सदस्य होना चाहिए.
- संबंधित समूह में कम से कम 25 सदस्य होने चाहिए.
दावा (Claim) कैसे किया जाता है?
यदि बीमित कारीगर की मृत्यु या दुर्घटना होती है, तो नामांकित व्यक्ति निम्न प्रक्रिया अपनाता है.
- संबंधित खादी संस्था के माध्यम से LIC को आवेदन दिया जाता है.
- मूल मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करना होता है.
- दुर्घटना की स्थिति में पुलिस जांच रिपोर्ट भी देनी होती है.
- आवश्यक दस्तावेज सत्यापन के बाद LIC सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भुगतान करती है.
आवश्यक दस्तावेज
दावा या आवेदन के समय सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है.
- आयु प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- व्यवसाय का प्रमाण
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण
- मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
खादी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कारीगर असंगठित क्षेत्र में कार्य करते हैं. ऐसे में यह योजना उनके और उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच का काम करती है. दुर्घटना या मृत्यु जैसी परिस्थितियों में मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार को तत्काल राहत देती है, जबकि बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद करती है.
Source: Ministry Of Micro, Small and Medium Enterprises


