जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के 40 किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए हिमाचल प्रदेश भेजा गया है. यह 7 दिवसीय अंतरराज्यीय एक्सपोजर-कम-प्रशिक्षण कार्यक्रम ATMA (SMAE) 2026-27 के तहत आयोजित किया जा रहा है.
इस पहल का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और सफल खेती के मॉडलों से परिचित कराना है ताकि वे अपनी आय और उत्पादन दोनों बढ़ा सकें.
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पालमपुर में मिलेगा आधुनिक खेती का प्रशिक्षण
अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) राजौरी रवि कुमार सिहाग ने किसानों के दल को हिमाचल प्रदेश के CSK हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (CSK HPKV), पालमपुर के लिए रवाना किया.
यह प्रशिक्षण किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में नई तकनीकों को अपनाने में सक्षम होंगे.
इन विषयों पर मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को कई आधुनिक कृषि गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं.
- मशरूम की खेती
- मधुमक्खी पालन
- संरक्षित खेती (Protected Cultivation)
- बागवानी
- एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System)
- कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन
- अन्य नवीन कृषि तकनीकें
किसानों से सीख अपनाने की अपील
रवि कुमार सिहाग ने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने और नई तकनीकों को अच्छी तरह समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद किसान अपने खेतों में इन तकनीकों को अपनाएं और अन्य किसानों के साथ भी यह जानकारी साझा करें, ताकि आधुनिक खेती का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके.
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किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
मुख्य कृषि अधिकारी राजौरी राजेश वर्मा ने बताया कि इस एक्सपोजर कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की क्षमता का विकास करना है. आधुनिक तकनीकों और सफल कृषि मॉडलों की जानकारी मिलने से किसान खेती में विविधता ला सकेंगे, उत्पादकता बढ़ा सकेंगे और अपनी आय में सुधार कर सकेंगे.
Source: Agriculture Dept.


